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रात में दी जाने वाली बिजली सप्लाई से भडक़े किसान, 33 केवी लाइन बंद कर किया प्रदर्शन

बाद में सूचना पर मौके पर पहुंचे विद्युत निगम के अधिकारियों को मांगों को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया। अधिकारियों के आश्वासन पर दोपहर 12 बजे बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।

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बारां

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Mukesh Gaur

Nov 29, 2025

बाद में सूचना पर मौके पर पहुंचे विद्युत निगम के अधिकारियों को मांगों को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया। अधिकारियों के आश्वासन पर दोपहर 12 बजे बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।

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दिन में थ्री-फेज बिजली के लिए धरने पर बैठे किसान

अटरू/बारां. तहसील क्षेत्र के कुंजेड़ गांव में रात के समय बिजली सप्लाई जारी रहने से नाराज किसानों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष दीपक यादव के नेतृत्व में 33 केवी लाइन को बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने पर भी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। सूचना पर तहसीलदार और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया। किसानों का कहना है कि सरकार ने घोषणा में स्पष्ट किया था कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय सप्लाई नहीं दी जाएगी, लेकिन इसके बावजूद मंगलवार रात 11 बजे से बुधवार सुबह 5 बजे तक बिजली सप्लाई जारी रही। अचानक हुई इस सप्लाई से कई किसानों की मोटरें चल पड़ीं, इससे परेशानी और खर्च बढ़ गया। इस दौरान पूर्व सरपंच प्रशांत पाटनी, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि देवेंद्र ङ्क्षसह सिरोहिया, कांग्रेस नेता सुरेंद्र यादव, कुलदीप यादव, महेश सुवालका, हजारी लाल गुर्जर, रमेश चंद अहीर, रामदयाल सुमन समेत अन्य मौजूद रहे।

आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त

इन दिनों ङ्क्षसचाई कार्य के चलते किसानों को दिन के समय थ्रीफेज बिजली की आवश्यकता है, लेकिन विद्युत वितरण निगम की ओर से रात में बिजली दी जा रही है। इस समस्या से परेशान अटरू उपखंड के कुंजेड, खरखड़ा, रामपुरिया, उदपुरिया व मनोहरपुर गांव के किसान शनिवार सुबह कुंजेड स्थित 33केवी विद्युत जीएसएस पर पहुंचे तथा दिन के समय सात घंटे तक निर्बाद विद्युत आपूर्ति की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में सूचना पर मौके पर पहुंचे विद्युत निगम के अधिकारियों को मांगों को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया। अधिकारियों के आश्वासन पर दोपहर 12 बजे बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।

यह है किसानों की मांग

ज्ञापन में दिन के समय सात घंटे तक निर्बाद बिजली देने, ब्लॉक में दी जा रही बिजली का समय सुबह 5 से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक करने, शिकायतों के निस्तारण के लिए क्षेत्र के लाइनमैन को नियमित ड्यूटी पर मौजूद रहने के लिए पाबंद करने, जीएसएस पर शिकायत व सूचना देने के लिए संपर्क फोन नंबर की व्यवस्था करने तथा कुंजेड 33 केवी जीएसएस की क्षमता बढ़ाने के लिए 3 या 5 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने आदि मांग की गई। यहां जेईएन कार्यालय होने के बाद भी अक्सर अधिकारी कर्मचारी नदारद रहते हैं।

5-5 घंटे के ब्लॉक में बिजली का आश्वासन

निगम के एईएन आशीष मथुरिया ने बताया कि दिन के समय 7 घंटे के स्थान पर 5-5 घंटे के ब्लॉक में बिजली देने तथा शेष बिजली सप्ताह में रात के समय एक साथ देने पर चर्चा कर सहमति बनाई गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्युत मांग और भार बढ़ रहा है। इससे सभी को दिन के समय पूरी बिजली देने में समस्या है। फिर भी किसानों की समस्या को देखते हुए निगम की ओर से व्यवस्था सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन में क्षेत्र के प्रमुख किसान गोपाल सुवांलका, दीपक यादव प्रशांत पाटनी, सुरेन्द्र अहीर, महावीर सुमन, रामदयाल सुमन, कमलेश सोनी, धीरज गुर्जर, ज्ञानेश अहीर, महेश सुवांलका, विजेश मालव, अमरचन्द गुर्जर व देवकिशन गुर्जर समेत बड़ी संख्या में कुंजेड़ समेत आसपास के ग्रामीण किसान मौजूद रहे। पूर्व सरपंच प्रशांत पाटनी ने बताया कि 5-5 घंटेे के ब्लॉक में दिन के समय बिजली देने और शेष बिजली रात के समय देने तथा 3.15 एमवीए के ट्रांसफार्मर 15 दिनों में लगाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया।