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रातभर किया आराम, शिकार के आसपास मंडराता रहा

तहसील क्षेत्र के रामगढ़ क्रेटर के समीप बह रही कूल नदी में गुरुवार को अफ्रीका से मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो अभयारण्य में लाए गए चीता शावक की स्पॉङ्क्षटग से लोगों में दहशत का माहौल है।

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बारां

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Mukesh Gaur

Nov 29, 2025

तहसील क्षेत्र के रामगढ़ क्रेटर के समीप बह रही कूल नदी में गुरुवार को अफ्रीका से मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो अभयारण्य में लाए गए चीता शावक की स्पॉङ्क्षटग से लोगों में दहशत का माहौल है।

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रामगढ़ क्रेटर स्थित कृष्णाई माता मंदिर इलाके में दिखी चहलकदमी

किशनगंज. तहसील क्षेत्र के रामगढ़ क्रेटर के समीप बह रही कूल नदी में गुरुवार को अफ्रीका से मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो अभयारण्य में लाए गए चीता शावक से लोगों में दहशत का माहौल है। शनिवार को यह क्रेटर में स्थित कृष्णाई माता मंदिर के नीचे लोगों को नजर आया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। शुक्रवार को वनविभाग की कड़ी निगरानी में कूनों के मेहमान को रामगढ़ क्रेटर की ओर पलायन करते हुए देखा गया। किशनगंज वन विभाग अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि शुक्रवार की रात अफ्रीकन चीता रामगढ़ क्रेटर में स्थित कृष्णाई माता मंदिर के नीचे झाडिय़ों में आराम करता नजर आया। शनिवार को भी चीता ने अपना स्थान नहीं बदला, वो इसी इलाके में बना रहा। वर्तमान स्थिति की बात करे तो चीता ने अब तक कोई हानि नहीं पहुंचाई है। इसकी हर हरकत पर वन विभाग की नजर है।

चीता को लेकर विभाग सतर्क

लगभग एक साल बाद फिर से अफ्रीकी चीता मप्र के श्योपुर की सीमा लांघकर जिले के किशनगंज के रामगढ़ क्षेत्र में गुरुवार से घूम रहा चीता शुक्रवार पूरी रात पहाडिय़ों के आसपास झाडिय़ों में छिपा रहा। शनिवार सुुबह होने पर वह झाडिय़ों से निकलकर उसी स्थान पर पहुंचा जहां उसने पिछले दिन नीलगाय का शिकार किया था। राजस्थान और मप्र के वन अधिकारी व विशेषज्ञ चीते को लगातार ट्रेक कर रहे हैं। हालांकि यह टीम के आसपास ही है। फिलहाल चीता ट्रैङ्क्षकग टीम के 100 मीटर के दायरे में मौजूद है। रामगढ़ माताजी इलाके में चीता के होने पर लोगों और श्रद्धालुओं में भय का माहौल है।