
फोटो: पत्रिका
Cheetah Spotted In Baran: रातभर पहाड़ियों की झाड़ियों में आराम करने के बाद अफ्रीकी चीता आज सुबह फिर से सक्रिय हो गया है और अब हलचल नजर आ रही है। दरअसल अफ्रीकी चीता MP के श्योपुर की सीमा लांघकर बारां जिले के किशनगंज के रामगढ़ क्षेत्र में आ पहुंचा। ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने वन विभाग को सूचित किया। इसके बाद से ही अधिकारी चीते को लगातार ट्रेक कर रहे हैं। हालांकि यह टीम के आसपास ही है।
श्योपुर कूनो से ट्रेंकुलाइज टीम पहुंचने के बाद ही चीते को पकड़ने की कार्रवई की जाएगी। फिलहाल चीता ट्रैकिंग टीम के 100 मीटर के दायरे में मौजूद है। इससे पहले वन विभाग ने अलर्ट होते हुए कूनो से मॉनिटरिंग टीम को किशनगंज वनक्षेत्र में रवाना किया। इसमें डॉक्टर व मेडिकल की टीम भी साथ है। चीते की सूचना मिलते ही रामगढ़ क्षेत्र के लोगों में हड़कंप मच गया। साथ ही रामगढ़ माताजी के दर्शन करने आए दर्शनार्थियों के बीच भी डर का माहौल रहा।
रामगढ़ क्षेत्र में बुधवार शाम को एक अफ्रीकी चीता दिखाई दिया। पहले इसे देशी पैंथर माना जा रहा था। बाद में कूनो नेशनल पार्क से आई टीम ने इसकी पहचान अफ्रीकी चीते के रूप में की। इसकी पहचान केपी-2 के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले ही इस चीते ने इसी क्षेत्र में एक नीलगाय का शिकार किया था। बुधवार से ही दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें चीते को ट्रैक करने का प्रयास कर रही हैं। 50 किमी से अधिक दूरी तय कर आदिवासी क्षेत्र में आए इस शिकारी चीते को रामगढ़ क्रेटर की पहाड़ियों में देखा गया है।
जिला वन अधिकारी विवेकानंद मानिकराव ने बताया कि यहां से कूनो नेशनल पार्क की टीम को सूचित कर दिया गया था। गुरुवार रात को कूनो की टीम वहां पहुंच गई थी। चीता पूरी तरह सुरक्षित है। कूनो नेशनल पार्क और बारां वन विभाग की टीम लगातार चीते को ट्रैंकुलाइज करने में जुटी हुई हैं। जल्द ही उसे ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया जाएगा। मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकला चीता घूमते-घूमते बारां जिले के ग्रासलैंड युक्त जंगली क्षेत्र में पहुंच गया है।
कूनो नेशनल पार्क की टीम चार दिनों से इस चीते की तलाश में जुटी हुई थी। इसकी लोकेशन मध्यप्रदेश से सटे बारां जिले के आदिवासी जंगल में मिली। यहां गुरुवार को धार्मिक स्थल एवं भारत के पहले अधिसूचित क्रेटर के पास ग्रामीणों को चीता नदी से पानी पीता हुआ नजर आया। दोनों राज्यों के वन विभाग की टीमें लगातार चीते को ट्रैक कर रही हैं और निगरानी कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2023 में भी एक चीता केलवाड़ा क्षेत्र के जंगल में आया था, तब उसे ट्रैंकुलाइज कर पिंजरे में डालकर वापस ले जाया गया था।
श्योपुर के कूनो से बारां के रामगढ़ के क्षेत्र की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है। वहीं कूनो के अधिकारियों का कहना है कि शावक स्वच्छंद विचरण कर रहा है और अभी ट्रैंक्युलाइज कर वापस लाने का कोई प्लान नहीं है। कूनो नेशनल पार्क से निकलकर बीते मादा चीता ज्वाला का एक शावक बीते एक महीने से श्योपुर जिले के सामान्य वनमंडल के इलाके के आवदा क्षेत्र और श्योपुर-बारां बॉर्डर के बीच के जंगल में ही मूवमेंट कर रहा था।
ये अपनी टैरेटरी की तलाश में इसी इलाके में कई बार नजर आया है। 2 दिन पहले ये चीता शावक पार्वती नदी क्रॉस कर राजस्थान के बारां जिले के रामगढ़ क्षेत्र के जंगल में ट्रैक हुआ। जिसके बाद कूनो प्रबंधन ने बारां जिले के वन विभाग को भी सूचना दी, साथ ही कूनो की ट्रैकिंग टीम भी मौके पर पहुंच गई है।
चीता शावक कूनो के बाहर अलग-अलग क्षेत्रों में मूवमेंट कर रहे हैं। ये चीता भी पिछले कुछ दिनों से श्योपुर-बारां के बॉर्डर वाले इलाके में ही था। अभी इसे ट्रैंक्युलाइज करन वापस लाने का कोई प्लान नहीं है।
उत्तम कुमार शर्मा, फील्ड डायरेक्टर, चीता प्रोजेक्ट कूनो श्योपुर
किशनगंज तहसील क्षेत्र के रामगढ़ क्रेटर के समीप बह रही कूल नदी में गुरुवार को कूनो पार्क के चीता शावक की स्पॉटिंग की गई। सहकारी समिति सुवास लैंप्स अध्यक्ष प्रेम शंकर वैष्णव ने बताया कि नदी के अंदर पानी पीते पैंथर को ग्रामीणों ने देखा और वीडियो बनाई। इसके बाद चीता शवक पानी पीकर खेतों की ओर चला गया। वहां पर उसने नील गाय का भी शिकार किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया। इसके बाद रामगढ़ कस्बे के समीप चंद्रपुरा नयागांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर चीता के नदी में विचरण करने की पुष्टि की गई।
वनविभाग ने क्षेत्र के लोगों से अनावश्यक घर से बाहर न निकलने व घटना स्थल से उचित दूरी बनाए रखने की अपील की है। बारां उपवन संरक्षक ने बताया कि टीम चीता पर नजर रखे है। कूनो से ट्रेंकुलाइज टीम पहुंचने के बाद ही चीते को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अभी ट्रैकिंग टीम के 100 मीटर के दायरे में चीता मौजूद है। ग्रामीणों ने बताया कि चीता शवक शिकार की गई नीलगाय के समीप ही बैठा है।
Updated on:
29 Nov 2025 12:29 pm
Published on:
29 Nov 2025 12:28 pm
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