
झुंझुनूं में जंगल में रात को पानी पीने आया पैंथर।
प्रदेश में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से वन्य जीवों की गणना की जा रही है। इसके तहत राजस्थान के झुंझुनूं जिले में साइन सर्वे, ट्रांजिट लाइन सर्वे के बाद अब अंतिम चरण के रूप में ट्रैप कैमरा सर्वे का कार्य चल रहा है। वन्य जीवों की संख्या और घनत्व के आधार पर क्षेत्र की पहचान के लिए संबंधित प्रजाति के नाम से साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को भ्रमण के दौरान जानकारी और सावधानी दोनों मिल सके। वनपाल शाहरुख खान ने बताया कि जिस क्षेत्र में जिस वन्य जीव की संख्या अधिक होगी, उसी आधार पर वहां संबंधित वन्य जीव के नाम का साइन बोर्ड लगाया जाएगा।इधर क्षेत्रीय वन अधिकारी उदयपुरवाटी इंद्रपुरा धरमवीर मील ने बताया ट्रैप कैमरा सर्वे में लगाए गए ट्रैप कैमरों की जांच में शनिवार को पैंथर के अलग-अलग मूवमेंट दिखाई दिए। वहीं जंगली बिल्ली, जंगली सूअर, सेई, नीलगाय, गीदड़,जरख सहित अन्य वन्य जीवों के मूवमेंट भी ट्रैप कैमरों में कैद हो रहे है। जंगल में अनेक जगह पैंथर नजर आए हैं।
प्रदेश में पहली बार हो रही वैज्ञानिक तरीके से वन्य जीवों की गणना में मांसाहारी व शाकाहारी वन्य जीवों की पहचान व संख्या निकाली जा रही है। ट्रांजिट लाइन सर्वे में चिन्हित किए पैंथर व अन्य शाकाहारी व मांसाहारी वन्य जीवों के मूवमेंट के आधार पर झुंझुनूं जिले में अलग-अलग वन क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगा कर गणना की जा रही है। क्षेत्रीय वन अधिकारी मील ने बताया कि शाकाहारी में सांभर, जंगली सुअर, नीलगाय व चीतल,मोर, तितर, खरगोश सहित अन्य वन्य जीव शामिल रहेंगे। वहीं मांसाहारी में पैंथर, तेंदुआ, जरख, सियार, जंगली बिल्ली जैसे वन्यजीव शामिल रहेंगे।
वन पाल शाहरुख खान ने बताया कि उदयपुरवाटी मनसा माता वन क्षेत्र कंजर्वेशन रिजर्व एरिया, बांसियालखेतड़ी के कंजर्वेशन एरिया, बागोर खेतड़ी के कंजर्वेशन एरिया वहीं बीड़ झुंझुनूं कंजर्वेशन एरिया, शाकंभरी कंजर्वेशन एरिया में ट्रैप कैमरे लगा कर गणना का कार्य किया जा रहा है।
क्षेत्रीय वन अधिकारी उदयपुरवाटी इंद्रपुरा धरमवीर मील ने बताया ट्रैप कैमरा सर्वे में लगाए गए ट्रैप कैमरों की जांच में अलग-अलग प्रजातियों के वन्यजीवों के मूवमेंट दिखाई दिए।
Published on:
29 Nov 2025 10:43 pm
बड़ी खबरें
View Allझुंझुनू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
