
अमेरिका के केंटकी राज्य में प्लेन क्रैश (फोटो- पत्रिका ग्राफिक्स)
अमेरिका के केंटकी राज्य के लुईविल एयरपोर्ट पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां, होनोलूलू के लिए उड़ान भरते समय एक कार्गो प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 11 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। गवर्नर ने मरने वालों की संख्या की पुष्टि करते हुए, इस आंकड़े के और बढ़ने की आशंका जताई है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के अनुसार, बीती शाम लगभग 5:15 बजे लुइसविल के मुहम्मद अली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से होनोलूलू के लिए उड़ान भरते समय यह विमान दर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस घटना के कई भयानक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में क्रैश से पहले विमान के बाएं पंख पर आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। आग की लपटों के कारण धुआं उठा, जिसके बाद विमान रनवे से थोड़ा ऊपर उठा और फिर उसमें जोरदार विस्फोट हो गया। विस्फोट के कारण विमान कुछ ही पलों में एक बड़े आग के गोले में बदल गया और चारों तरफ काला धुआं फैलने लगा। विमान फटने से पहले इतना भयानक धमाका हुआ कि रनवे के पास स्थित एक इमारत की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। विमान में लगी आग तेजी से आसपास के इलाके में फैलने लगी। वायरल वीडियो में चारों तरफ फैली हुई तेज आग और विमान का मलबा भी नजर आ रहा है।
घटना के बाद एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन ने 8 किलोमीटर के दायरे में लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लुईविल पुलिस के अनुसार, हादसे की जगह पर अभी भी आग की लपटें मौजूद हैं और भारी मात्रा में मलबा फैला हुआ है। शुरुआती जांच के अनुसार, प्लेन में मौजूद लिथियम बैटरियों के चलते यह हादसा हुआ है। इसी कारण से 2010 में UPS फ्लाइट 6 भी हादसे की शिकार हुई थी। खबरों के अनुसार, विमान में 25,000 गैलन (95 हजार लीटर) जेट फ्यूल भरा था, जिसके चलते आग तेजी से फैल गई।
पुलिस और फायर एजेंसियां लगातार राहत कार्य में लगी हुई हैं, लेकिन स्थिति अब भी खतरनाक बनी हुई है। विमान में मौजूद ईंधन और अन्य ज्वलनशील पदार्थों से फिर से विस्फोट हो सकता है, जो कि एक चिंता का विषय है। लुईविल के मेयर क्रेग ग्रीनबर्ग ने भी इस ईंधन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। गौरतलब है कि मैकडॉनेल डगलस MD-11 मॉडल नामक इस विमान को 1991 में एक यात्री विमान के तौर पर बनाया गया था। इसकी करीब 2.8 लाख किलो वजन लेकर उड़ान भरने की क्षमता थी और इसमें लगभग 1.44 लाख लीटर (38,000 गैलन) तक ईंधन भरा जा सकता था।
Updated on:
05 Nov 2025 10:08 am
Published on:
05 Nov 2025 09:31 am
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