
टोंक पंचायत समिति। फोटो: पत्रिका
Tonk News: राजस्थान के टोंक जिले में 63 नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद कई गांवों में आपत्तियों का सिलसिला तेज हो गया। नए जोड़े गए गांवों की दूरी 15 किमी से अधिक होने के कारण ग्रामीणों में असंतोष की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने आपत्तियां दर्ज कराते हुए प्रशासन से पुनर्विचार की मांग की है। जिला प्रशासन ने इस मामले का निपटारा करने के लिए राजस्थान सरकार को रिपोर्ट भेजी है। हालांकि संशोधन के आदेश सरकार ने ही जारी किए हैं।
इसके तहत जिला प्रशासन को जिन ग्राम पंचायतों में संशोधन की उम्मीद है उनकी रिपोर्ट सरकार को भेजी है। अब अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना है। इसके बाद ही पंचायत चुनाव प्रक्रिया में कोई नया मोड़ आएगा। फिलहाल जिला प्रशासन ने सभी आपत्तियों को गंभीरता से लिया और पूरी कोशिश कर रहा है कि गांवों के बीच के विवादों को सुलझा कर ग्राम पंचायतों के गठन को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।
नवसृजित ग्राम पंचायत मुख्यालय संचालन को लेकर आदेश जारी हो चुके हैं। इनका संचालन वहां स्थित विभिन्न राजकीय भवनों जैसे विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, पशु उपकेन्द्र, सामुदायिक केन्द्र व अन्य राजकीय भवनों में से किसी भवन को अस्थाई रूप से ग्राम पंचायत कार्यालय के लिए शुरुआत में काम में लिया जाएगा। नवसृजित ग्राम पंचायत कार्यालय अधिसूचना में स्वीकृत मुख्यालय पर ही स्थापित किया जाएगा। निर्वाचन के बाद पंचायत भवन का निर्माण करना होगा। इसके साथ ही पटवार कार्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, उप-स्वास्लव्य केंद्र, पशु चिकित्सालय, आंगनबाडी केंद्र, किसान सेवा केंद्र सहित कई कार्यालय भी स्थापित करने होंगे।
नए गठन के बाद कई गांवों को जोड़ने से उनकी दूरी 15 बढ़ गई, जिससे गांववालों को आने-जाने में समस्याएं होगी। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई है और सुधार की मांग की है। जिला प्रशासन ने इन आपत्तियों का निपटारा करने के लिए विशेष टीम बनाई हैए जो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करने के प्रयासों में जुटी है।
नई ग्राम पंचायतों के गठन से जुड़ी प्रशासनिक हलचल के बीच चुनाव की तैयारियां भी तेज हो गई है। स्थानीय नेता अब चुनावी रण में उतरने की रणनीति बनाने लगे हैं और ग्राम पंचायतों के लिए पोस्टर लगाने में जुट गए हैं। इसके अलावाए पंचायत चुनाव के लिए जनसंपर्क और प्रचार-प्रसार की गतिविधियां भी बढऩे लगी है।
ग्राम पंचायतों के गठन के बाद जिले में अब कुल 283 ग्राम पंचायतें होगी, जिनमें 63 नए पंचायतों का समावेश किया गया है। जबकि अब तक जिले में 236 ग्राम पंचायत ही थी। यह कदम ग्राम पंचायतों के विकास और स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में सुधार के उद्देश्य से उठाया गया है। लेकिन नए गठित ग्राम पंचायतों के अधीन आने वाले कई गांवों के लोग इससे असहज महसूस कर रहे हैं।
Updated on:
28 Nov 2025 03:19 pm
Published on:
28 Nov 2025 03:18 pm
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