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दूल्हा बने श्रीराम राजा, ओरछा का हर नागरिक बना बाराती, अलौकिक छवि निहारने उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

MP News : बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाले ओरछा के राजा राम मंगलवार को दूल्हा बने। राजसी ठाठ और बुंदेली रीति के साथ प्रभु की बारात निकली तो पूरी नगरी उत्साहित हो गई।

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धूमधाम से निकली श्रीराम राजा की बारात (Photo Source- Patrika)

MP News : बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से अलग हुए निवाड़ी जिले में स्थित ओरछा के राजा राम मंगलवार को दूल्हा बने। राजसी ठाठ और बुंदेली रीति के साथ प्रभु की बारात निकली तो पूरी नगरी उत्साहित हो गई। नगर का भ्रमण कर बारात जानकी मंदिर पहुंची। यहां दूल्हे श्रीराम का टीका कर नेगचार किया। इसी दृश्य के साथ श्रीरामचरित मानस की चौपाई राम सरिस बरू दुलहिनि सीता, समधी दसरथु जनकु पुनीता। सुनि अस ब्याहु सगुन सब नाचे, अब कीन्हे बिरंचित हम सांचे…से श्रद्धालुओं को ऐसा लगा मानो, कलियुग में त्रेता युग खुद को दोहरा रहा हो।

विवाह पंचमी पर मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से अटा पड़ा था। शाम 7 बजते ही सभी की नजरें मंदिर के पट पर टिक गई। इंतजार था..दूल्हा सरकार की पालकी निकले और दर्शन हों। कलेक्टर जमुना भिडे ने प्रभु का तिलक किया। फिर पूर्व सीएम उमा भारती व अन्य ने तिलक कर पालकी उठाई। प्रभु को सशस्त्र जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। रामराजा सरकार ने सोने का मुकुट नहीं, बल्कि बुंदेली परंपरा के अनुसार खजूर के पत्तों से बना दूल्हे का मुकुट धारण किया था, पालकी के एक तरफ छत्र और दूसरी तरफ चंवर लहराते हुए दृश्य बुंदेली साम्राज्य की झलक दे रहा था।

श्रद्धालु पालकी को कांधा देने उमड़े

बारात के साथ सूर्यकुल का चिह्न, चंवर, चांदी की छड़ी के साथ ही मशालची सबसे आगे चले। भगवान की पालकी को कांधा देने श्रद्धालुओं रेला उमड़ पड़ा। बारात जानकपुर (जानकी मंदिर) पहुंची तो पुजारी हरीश दुबे ने प्रभु का सवा रुपए से टीका किया।

पहली बार द्वार पर रोकेंगी उमा, नेग के बाद प्रभु का प्रवेश

पहली बार बुंदेली रीति के अनुसार इस बार प्रभु की पालकी को पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती रोकेंगी। उन्होंने कहा कि मैं श्रीराम की बहन हूं। श्रीराम राजा की पालकी रोकने की रस्म पूरी करूंगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के नेग देने के बाद वे परंपरानुसार श्रीराम राजा की पालकी को मंदिर में प्रवेश करने देंगी।