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आग नियंत्रण की अनूठी पहल: लगा रहे ये सिस्टम, इंसान होता है डीइलेक्ट्रीफाई, केमिकल फैलने नहीं देता आग

Rajasthan News: एफआर केमिकल, ऑटोमेटिक फोम सिस्टम, और स्टैटिक डिस्चार्ज डिवाइस जैसे नवाचार अब आग को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने में मदद कर रहे हैं, जिससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है।

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ह्यूमन बॉडी स्टैटिक डिस्चार्ज डिवाइस (फोटो: पत्रिका)

Unique Fire Control Initiative: उद्योगों और कमर्शियल प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए अनूठी पहल की जा रही है। पहली बार एफआर केमिकल का उपयोग किया जा रहा है, ताकि लकड़ी के गोदामों में आग फैलने से रोका जा सके। ऑटोमेटिक फोम आधारित आग बुझाने की मशीन और इंसानों को डीइलेक्ट्रीफाई करने वाली मशीनरी के नवाचार तेजी से उपयोगी साबित हो रहे हैं।

जोधपुर में 1500 से ज्यादा उद्योग लकड़ी व कपड़े से जुड़े हैं। कई कमर्शियल गोदाम भी है। औसतन एक साल में औद्योगिक क्षेत्रों में कमर्शियल स्थानों पर 300 से ज्यादा आग लगने की घटनाएं होती है। फैक्ट्रियों में ह्यूमन बॉडी स्टेटिक डिस्चार्ज डिवाइस इंस्टॉल करवाया है। मशीनों या इलेक्ट्रॉनिक यूनिट्स में चिंगारी का कारण मानव शरीर में जमा स्टैटिक चार्ज होता है। इस डिवाइस पर कर्मचारी कुछ सैकंड खड़े होते हैं और उनके शरीर से जमा विद्युत आवेश सुरक्षित रूप से डिस्चार्ज हो जाता है।

खासतौर पर केमिकल, फोम, लकड़ी, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में यह बेहद प्रभावी है। ऑटोमेटिक फोम आधारित फायर सर्किट भी इंस्टॉल करवाए जा रहे हैं। यह सिस्टम चिंगारी या धुआं महसूस होते ही स्वत: सक्रिय हो जाता है और इंसानी दखल के बिना ही आग को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित कर लेता है। इससे बड़े हादसों को टाला जा सकता है।

एफआर केमिकल

लकड़ी व कपड़ा उद्योगों में फायर रिटार्डेंट केमिकल का उपयोग भी बढ़ रहा है। यह केमिकल उत्पादों पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, जिससे आग नहीं भड़कती और न ही तेजी से फैलती है। आग लगने पर उसमें फ्लेम नहीं बनती। जैसलमेर बस हादसे में पर्दे व इंटीरियर यदि इसी केमिकल से सुरक्षित होता तो बड़ा हादसा टाला जा सकता था।

उद्योगों व व्यापारिक संस्थानों में आग लगने की घटनाओं के पीछे छोटी-छोटी लापरवाही होती है। इसके लिए कुछ तकनीक व कुछ केमिकल का उपयोग कर इन घटनाओं से बचा जा सकता है। हर आग को पानी काबू नहीं कर सकता। इसके लिए हम एक जन मुहिम भी चला रहे हैं।

डॉ. डी.एस मित्तल, रसानयशास्त्री और सेवानिवृत्त कॉलेज प्रिंसिपल


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