
MP news: फोटो: सोशल मीडिया)
MP News: निकाह कर मियां-बीवी तो खुश हैं, लेकिन निकाह कराने वाले काजी को कम फीस मिलने का गम सता रहा है। हम बात कर रहे हैं, राजधानी में दो परिवार को रिश्तों की डोर में बांधने वाले काजी के दुखड़े की। उनके लिए महज 375 रुपए नजराना राशि तय है। अब मसाजिद कमेटी ने नया फरमान जारी किया है। इसके तहत नजराना की रकम के लिए बैंक खाता खुलवाना होगा। मसाजिद कमेटी के सचिव मो. उबेस का कहना है कि वर-वधू पक्ष को काजी मसाजिद कमेटी से मुकर्रर होता है। एक निकाह पर 375 रुपए नजराना देते हैं। यह रियासत के दौर की व्यवस्था है। यह सिर्फभोपाल में है।
शहर में 60 से ज्यादा काजी हैं। हर माह 500 से ज्यादा निकाह में शामिल होते हैं। राजधानी में 8 लाख आबादी मुस्लिम है। मसाजिद कमेटी में 20 से 25 परिवार निकाह के लिए पंजीयन कराने हैं। रियासतकालीन परंपरा के तहत प्रक्रिया चल रही है। बता दें, अभी निकाह हल्का काजी को 375 और नायब को १२५ रुपए मिलते हैं। इसे क्रमश: बढ़ाकर 700, 300 करने की मांग चल रही है।
निकाहख्वां शब्बीर ने बताया, जो नजराना मिलता है वह आने जाने में ही खर्च हो जाता है। ऐसे में कई ने यह काम बंद कर दिया। परिवार रजिस्ट्रेशन फीस जमा करते हैं। उनकी ओर से राशि मिलती है या नहीं, तय नहीं होता।
एमपीके बाकी जिलों में कमेटियां यह काम देखती हैं। नजराने की रकम वर-वधू पक्ष मिलकर तय करता है। काजी की रजामंदी होती है। जमीयत उलेमा के इमरान हारून का कहना है कि नजराने की रकम बढ़ाई जाए।
Published on:
10 Nov 2025 08:50 am
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