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Nagaur patrika…गंदे पानी की सप्लाई से स्वास्थ्य पर संकट, गुणवत्ता जांच में खानापूर्ति…VIDEO

जनता बोली: निरीक्षण बाद भी सुधार नहीं – पाइप लाइनें जर्जर और टंकियों की सफाई महीनों से नहीं नागौर. शहर के कई इलाकों में लोगों को पीने योग्य पानी मिलना मुश्किल हो गया है। आजाद चौक, गिनाणी गली, भूरावाड़ी, नया दरवाजा और व्यास कॉलोनी सहित कई इलाकों में लंबे समय से पानी की गुणवत्ता की […]

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जनता बोली: निरीक्षण बाद भी सुधार नहीं

पाइप लाइनें जर्जर और टंकियों की सफाई महीनों से नहीं

नागौर. शहर के कई इलाकों में लोगों को पीने योग्य पानी मिलना मुश्किल हो गया है। आजाद चौक, गिनाणी गली, भूरावाड़ी, नया दरवाजा और व्यास कॉलोनी सहित कई इलाकों में लंबे समय से पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई है। किसी क्षेत्र में गंदा पानी सप्लाई होने पर उसकी उचित जांच या सुधार की बजाय खानापूर्ति की जाती है। दो दिन पहले जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामचंद्र राड ने शहर में जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण कर इस समस्या का खुलासा किया। इसके बावजूद भी स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।

लैब रिपोर्ट फाइलों में बंद

शहर के पित्तीवाड़ा क्षेत्र में सोमवार को लोगों ने बताया कि अभी तक आपूर्ति के समय नलों में गंदा व दूषित पानी आ रहा है। विभाग रासायनिक जांच के नाम पर कागजी खानापूर्ति कर रहा है, जबकि फील्ड जांच शून्य है। इसका खमियाजा जनता भुगत रही है। लैब रिपोर्ट विभाग की फाइलों में दबकर रह जाती है।

पीला व भरा पानी सप्लाईशहर के भीतरी इलाकों में पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में नाराजगी है। कई जगह पानी पीला या भूरे रंग का आपूर्ति हो रहा है। पाइप लाइनें जर्जर हैं और टंकियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। लोगों को पानी छानकर या आरओ लगाकर उपयोग करना पड़ रहा है।

जांच सिर्फ दिखावे की, सुधार कहीं नहीं

जलदाय विभाग का दावा है कि हर महीने पानी के सैंपल जांचे जाते हैं। जब इलाके में गंदा पानी सप्लाई की शिकायत मिलती है तो विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंचती। लैब की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती।

लोगों की मजबूरी, वही पानी पीना पड़ रहा

लोगों ने बताया कि टंकी या बोरवेल का पानी काम लेना मजबूरी बन गई है। इससे पेट दर्द, उल्टी और त्वचा रोग की शिकायतें बढ़ रही है। पानी जांच या सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।

जनता का सवाल, जांच के बाद सुधार क्यों नहीं

गिनाणी गली और पित्तिवाड़ा क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि शिकायत करने पर अधिकारी सैम्पल ले लिया है कहकर चुप्पी साध लेते हैं। सवाल यह है कि जांच के बाद भी सुधार क्यों नहीं होता? इससे लोगों में नाराजगी पनपने लगी है।

जनता बोली… गंदा पानी आ रहा ….

गंदा पानी तो महीनों से आ रहा है। कुछ दिन पहले कोई बड़े अधिकारी आए थे, उनको भी बताया। इसके बाद भी अब तक समस्या समाधान नहीं हुआ।

यतीन पालीवाल, पित्तीवाड़ा

गंदे पानी की वजह से बीमारी बढ़ रही है। क्षेत्र के ज्यादातर लोग दू्षित पानी सप्लाई से परेशान हैं। अधिकतर घरों में लोग दूसरी जगह से पानी मंगा रहे है।

ममता, पित्तीवाड़ा

अधिकारियों को तो साफ पानी मिलता है, और हमें पीने के लिए नाले के जैसा गंदा पानी दिया जाता है। इसकी वजह से घर के बरतन तक खराब हो गई है।

ललित छंगाणी, पित्तीवाड़ा

इनका कहना है…

अभियंताओं को पानी की जांच के निर्देश दिए हुए हैं। इसके बाद भी किसी क्षेत्र में यदि गंदे पानी की समस्या है तो जांच कराएंगे।

श्रवण सिंह खिडिय़ा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, नागौर।