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उज्जैन लैंड पुलिंग एक्ट: किसानों की याचिका पर सरकार का जवाब, वकील बोले- खारिज करें

Ujjain Land Pulling Act: उज्जैन के 26 किसानों की ओर से दायर इस याचिका पर जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की युगलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने सरकार का पक्ष रखा

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High court on Ujjain Land Pulling Act

High court on Ujjain Land Pulling Act

Ujjain Land Pulling Act: उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र की जमीनों के अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। उज्जैन के 26 किसानों की ओर से दायर इस याचिका पर जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की युगलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने सरकार का पक्ष रखा।

उन्होंने पूरी याचिका को दो बिंदुओं पर गलत ठहराया। दलील दी कि संवैधानिक अधिकारों का हनन करने की बात करते हुए संशोधित कानून को ही याचिका में गलत बताते हुए चुनौती दी है, किसी एक पार्ट को नहीं। ऐसे में यह याचिका चलने योग्य नहीं है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के लिए 5 दिसंबर की तारीख तय की है।

सिंहस्थ क्षेत्र को लेकर लैंड पुलिंग एक्ट स्वीकृत किया है

सरकार ने सिंहस्थ क्षेत्र को लेकर लैंड पुलिंग एक्ट स्वीकृत किया है। सिंहस्थ क्षेत्र को लेकर पूर्व में प्रावधान था कि मेला लगाने के लिए सरकार चिन्हित जमीन मेले के समय किसानों से लेकर तैयारी करती थी। मेला समाप्त होने के बाद किसान इस जमीन पर वापस काबिज होकर फसलें लेते थे। नई योजना में मेला क्षेत्र की जमीनें अधिग्रहित करने के साथ किसानों की 50 फीसदी जमीन मिलेगी।

याचिका में मांगी गई राहत गवत

गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए महाधिवक्ता सिंह ने बताया कि उनकी ओर से इस पर संक्षिप्त जवाब पेश किया गया है। उन्होंने पूरे नोटिफिकेशन को चुनौती देने और याचिका में मांगी गई राहत को गलत बताया। उनकी दलील थी कि अल्ट्रा वायरस याचिका में कानून के किसी एक भाग को चुनौती दी जा सकती है। यहां तो पूरे कानून को ही चुनौती दी जा रही है।