
no confidence motion planning against Zila Panchayat chairperson (फोटो- सोशल मीडिया)
No Confidence Motion:रतलाम जिला पंचायत (Ratlam Zila Panchayat) में अध्यक्ष और सदस्यों की खींचतान अब बड़ा रूप लेने जा रही है। सितंबर में जिपं के सात सदस्यों ने अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी के खिलाफ अविश्वास का जो पत्र कलेक्टर और संभागायुक्त को दिया था।
इस मामले में संभागायुक्त कार्यालय से इन सभी सदस्यों के हस्ताक्षर वेरिफाई करने के पत्र के बाद सभी सदस्यों के हस्ताक्षर प्रमाणित करवा लिए गए हैं। अगले सप्ताह कलेक्टर के माध्यम से यह प्रतिवेदन संभागायुक्त तक पहुंचेगा। इसके बाद ही अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए जिपं के सम्मेलन की तारीख तय होगी। (MP News)
जिपं से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को हस्ताक्षर करने वाले में छह सदस्य जिपं उपाध्यक्ष केसुराम निनामा, डीपी धाकड़, महेंद्रसिंह, वीसी शरद कुमार, नंदी मईड़ा और चंपा मईड़ा थे जबकि बुधवार को बचे हुए एकमात्र सदस्य राजेश भरावा ने जिपं पहुंचकर अपने हस्ताक्षर वैरिफाई कर दिए। इसके बाद कवायद तेज हो गई कि किसी भी समय तारीख तय होकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।
संभागायुक्त ने मप्र पंचायतीराज अधिनयम 1993 की धारा 28 के तहत अविश्वास की सूचना देने वालों के हस्ताक्षरों का मिलान कराया है। यह इसलिए किया जाता है ताकी बाद में इनमें से कोई सदस्य मुकर नहीं जाए कि उनके हस्ताक्षर नहीं है और किसी दूसरे ने कर दिए। अतिरिक्त सीईओ निर्देशक शर्मा ने सभी के हस्ताक्षर वेरिफाई करवा लिए हैं। अब वे इसका प्रतिवेदन जिपं सीईओ वैशाली जैन के माध्यम से कलेक्टर मिशा सिंह को प्रस्तुत करेंगे।
जानकारों के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए 16 में से 12 सदस्यों का प्रस्वात के समर्थन में वोट देना जरुरी है। इस समय जिपं में भाजपा के अध्यक्ष सहित नौ सदस्य हैं जबकि जयस के चार, कांग्रेस के दो और एक करणी सेना से है। प्रस्ताव पर वोटिंग होती है और भाजपा सदस्य साथ नहीं देते हैं तो अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा। साथ देते हैं या कॉस वोटिंग करते हैं तो अध्यक्ष का हटना तय है।
जिपं में आने वाली 15 वें वित्त आयोग की राशि का सभी सदस्यों में बराबर बंटवारा कर उनके क्षेत्र में कार्य करवाए जाना होते हैं। अध्यक्ष का विशेषाधिकार होता है कि वह अपने क्षेत्र के लिए ज्यादा राशि रख सके। वर्तमान अध्यक्ष ने ज्यादातर सदस्यों के क्षेत्र के लिए किसी तरह की राशि का कोई प्रावधान ही नहीं किया। इससे सदस्य नाराज हो गए। अध्यक्ष लालाबाई पर सदस्यों ने मनामनी का आरोप लगाते हुए बैठक भी की। राशि को लेकर भाजपा के सदस्यों को भी का भी विरोध सामने आ चुका है। जिपं के 16 में से 15 सदस्यों ने हस्ताक्षरित पत्र प्रस्तुत कर वित्तीय अधिकार वापस लेने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया था। (MP News)
जिपं में सदस्य -16
भाजपा - 9
कांग्रेस - 2
जयस - 4
करणी सेना -1
Published on:
28 Nov 2025 11:49 am
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