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आपकी बात : बजरी और खनन माफिया पर अंकुश के लिए क्या प्रयास किए जाने चाहिए?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत हैं पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

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जयपुर

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Opinion Desk

Sep 10, 2025

प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता
अवैध खनन के जरिए धरती को खोखला किया जा रहा हैं। अवैध खनन का मुख्य कारण पुलिस माफिया गठजोड़ हैं। रिश्वत खोरी के कारण माफिया बेखौफ होकर खनन कर रहा हैं तथा पुलिस मूकदर्शक बनकर कुछ नहीं कर पा रही। अवैध खनन को रोकने के लिए ये गठजोड़ पूरी तरह खत्म हो। पुलिस द्वारा हर समय खनन क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था हो। अवैध खनन करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही एवं भारी जुर्माने द्वारा प्रभावी नियंत्रण हो। आवश्यक हो तो अवैध खनन रोकने के लिए अलग से टास्क फोर्स का का गठन हो। - भंवरलाल सारण, बालोतरा

उच्चस्तरीय तकनीक का प्रयोग करें

खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए ड्रोन तथा अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए। ड्रोन से पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी हो, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। साथ ही, अवैध खनन पर की जा रही कार्रवाई में अधिक से अधिक उच्च स्तरीय तकनीक का प्रयोग किया जाए। - नवीन कुमार फलवाडिया, सुजानगढ़

इच्छाशक्ति जरूरी
बजरी और खनन माफिया पर अंकुश के लिए सबसे पहले पुलिस और नेताओं की मिलीभगत व गठजोड़ को तोड़ने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने होंगे। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भ्रष्ट आचरण का सहारा लेने वाले पुलिस, प्रशासनिक, खनन विभाग के अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त नीतियां बनानी होंगी और अवैध खनन
को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन की जवाबदेही तय करनी होगी। सरकार की इच्छाशक्ति व संकल्प जरूरी है। - शिवजी लाल मीना, जयपुर

पर्यावरण संबंधी खतरे भी बढ़ रहे
बजरी और खनन संबंधी माफिया पर अब तक जितने भी अंकुश लगाने की कोशिश की गई है उससे संबंधित मामलों में कोई असरदार हल नहीं निकल पाया। पर्यावरण संबंधी खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए इनमें जागरूकता लाने की कोशिश की जानी चाहिए। सरकार और पुलिस की ओर से जनजागरूकता अभियान भी चलाने चाहिए। - नूरजहां रंगरेज, भीलवाड़ा