
बूंदी. पालना गृह से नवजात को सुरक्षित उठाते हुए कर्मचारी।
बूंदी. नवजात को झाडिय़ों में फेंकने की घटनाओं के बीच बाल कल्याण समिति सक्रिय हुई है। समिति ने आमजन से अपील की है कि शहर में स्थापित पालना गृहों का उपयोग करें, ताकि किसी भी नवजात का जीवन खतरे में न पड़े। बीबनवां रोड स्थित राजकीय किशोर गृह और राजकीय चिकित्सालय दोनों स्थानों पर पालना गृह उपलब्ध हैं, जहां कोई भी व्यक्ति बिना भय और बिना पहचान उजागर किए नवजात को सुरक्षित रख सकता है। समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने कहा कि हर नवजात को जीने का अधिकार है। यदि किसी सामाजिक दबाव या पारिवारिक परिस्थिति के कारण कोई परिवार नवजात की देखभाल करने में असमर्थ है, तो उसे फेंकने या असुरक्षित स्थान पर छोडऩे के बजाय पालना गृह में छोड़ जाना चाहिए। यहां पहचान गोपनीय रखी जाती है और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं होती। समिति ने हाल ही में हुई नवजात की दर्दनाक मौत के मामले पर गहरी ङ्क्षचता जताई है। समिति सदस्यों ने कहा कि समाज में जागरूकता की कमी ऐसी घटनाओं का बड़ा कारण है। इसलिए पालना गृह की जानकारी और कानूनी प्रावधानों को लेकर लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है।
गोपनीय रखी जाएगी पहचान
पालना गृह में नवजात को रखने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रहेगी। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके विपरीत, नवजात को फेंकना या क्षति पहुंचाना गंभीर दंडनीय अपराध है। पालना गृह में छोड़े गए शिशु की पूरी चिकित्सा, देखभाल और परवरिश सुनिश्चित की जाएगी।
पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम
बाल कल्याण समिति ने इन घटनाओं को गंभीर श्रेणी में रखते हुए बाल संरक्षण इकाई को निर्देश दिया है कि नवजात सुरक्षा से जुड़े उपायों पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। लोगों को पालना गृह की उपलब्धता और कानूनी सुरक्षा के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। बैठक में समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार, सदस्य मीनाक्षी मेवाड़ा, रोहित कुमार, छुट्टन लाल शर्मा और घनश्याम दुबे मौजूद रहे।
Published on:
18 Nov 2025 11:48 am
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