
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार और लद्दाख प्रशासन को जारी किया नोटिस (फोटो-IANS)
सोशल मीडिया पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया गया कि वांगचुक को बिना सबूत के गिरफ्तार किया है। इस वीडियो पर प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने मंगलवार को कहा कि वीडियो में किया जा रहा दावा झूठा है और यह डीपफेक वीडियो है।
वीडियो को डीपफेक बताते हुए पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा- लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एसडी सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह दावा कर रहे हैं कि सोनम वांगचुक को बिना किसी सबूत के भारतीय रक्षा मंत्री के निर्देश पर गिरफ्तार किया गया था। हालांकि लद्दाख डीजीपी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
वहीं इस मामले को स्पष्ट करने के लिए PIB ने लद्दाख के डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का मूल वीडियो पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने सोनम वागंचुक की गिरफ्तारी का विवरण बताया था।
डीजीपी ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेह शहर में हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत राजस्थान की जोधपुर जेल में हैं।
लेह शहर में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई जबकि 70 अन्य घायल हो गए। वहीं लेह प्रशासन ने कहा- भीड़ ने सीआरपीएफ के एक वाहन को आग लगा दी, जिसका उद्देश्य वाहन के अंदर बैठे सीआरपीएफ जवानों को जिंदा जलाना था।
बता दें कि लेह में प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय वाहनों में आग लगा दी थी। शहर में 24 सितंबर को कर्फ्यू लगा दिया गया था और अब भी कर्फ्यू में ढील दी जा रही है। मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई।
Published on:
30 Sept 2025 03:59 pm
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