
आदित्य ठाकरे (फोटो- आईएएनएस)
अमेरिका सरकार ने हाल ही एच1बी वीजा शुल्क को 100,000 डॉलर (करीब 84 लाख रुपए) सालाना करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद से भारतीय आईटी पेशेवरों में हड़कंप मच गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कदम का सबसे ज्यादा असर भारत पर ही पड़ेगा, जहां 71 प्रतिशत एच1बी वीजा भारतीयों को मिलते हैं। इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने शनिवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए सरकारी की चुप्पी पर सवाल उठाए है।
ठाकरे ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर सरकार की जम कर आलोचन की और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। सरकार के इस मामले पर बात नहीं करने को ठाकरे ने चौंकाने वाली चुप्पी बताया। ठाकरे ने इसे न केवल पेशेवरों बल्कि कंपनियों और युवाओं की आकांक्षाओं पर भी प्रहार बताया। ठाकरे ने लिखा, समस्या सिर्फ हमले की नहीं है, उससे भी बड़ी समस्या केंद्र सरकार की चौंकाने वाली चुप्पी है।
ठाकरे ने आगे लिखा, अगर 'आत्मनिर्भर भारत', 'मेक इन इंडिया' और ऐसे ही दूसरे नारे वाकई लागू होते, तो इतनी अराजकता न होती। डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपए और टैरिफ ने हमें पहले ही बुरी तरह प्रभावित किया है, और सत्ताधारी पार्टी की बातें चाहे कितनी भी दिखावटी या साहसिक लगें, हमें कड़वी सच्चाई को देखना होगा।
ठाकरे ने आगे लिखा, अब एच1बी वीजा शुल्क का असर लाखों कामकाजी पेशेवरों, उन्हें नौकरी देने वाली कंपनियों और हजारों युवा आकांक्षाओं पर पड़ेगा, जो अपना करियर और बेहतर दुनिया बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, मैं विदेश यात्राओं के शानदार 11 सालों पर और यह भी नहीं कहूंगा कि क्या यह किसी विदेश नीति में तब्दील होता है, लेकिन हम भारतीयों को अपनी सरकार को हमसे और अमेरिका से बात करते हुए सुनने की जरूरत है। भारत-अमेरिका के बीच अच्छे संबंध विश्व के लिए बहुत अच्छी बात है, लेकिन हमारी सरकार की चुप्पी उन लोगों के लिए पूर्ण अंधकार है।
Published on:
20 Sept 2025 11:47 pm
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