
मतदाता सूची SIR । फाइल फोटो- पत्रिका
SIR: देश के 12 राज्यों सहित कई केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का काम जारी है। इसे लेकर सियासी घमासान भी मचा हुआ है। आज SIR के मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता चुनाव आयोग पहुंचे। वहीं, बीते 20 दिन में अलग-अलग वजहों से 26 बूथ लेवल अधिकारियों की जान गई। इसे कांग्रेस नेता सुप्रीया श्रीनेत (Congress leader Supriya Shrinate) ने मर्डर करार दिया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में जारी SIR प्रक्रिया के विरोध में चुनाव आयोग का रुख किया। टीएमसी के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा और इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। डेरेक ओ’ ब्रायन की अगुवाई में शताब्दी रॉय, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा, प्रतिमा मंडल, सजदा अहमद, डोला सेन, ममता ठाकुर, साकेत गोखले और प्रकाश चिक बराइक चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे। उन्होंने आयोग को एक लिखित शिकायत सौंपी।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के नाम पर बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लाखों मतदाताओं के नाम काटने की साजिश कर रहे हैं। खास तौर पर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों और तृणमूल समर्थक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं।
इस मामले पर केंद्र की मोदी सरकार ने कहा कि चुनाव आयोग की देखरेख में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत फर्जी मतदाताओं को चिन्हित करके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। संविधान के मुताबिक 18 वर्ष से अधिक उम्र के भारत के ही नागरिक को मतदान का अधिकार है।
वहीं, केंद्र सरकार ने दावा किया है कि भारत में बड़ी तादाद में अन्य देशों के नागरिक भी रह रहे हैं। यहां पर खुद को भारतीय नागरिक के रूप में दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवा लिए हैं। ऐसे मतदाताओं को चिन्हित करके चुनाव आयोग की देखरेख में SIR की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक कई ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें उनके देश भेजा जा चुका है।
केंद्र सरकार के मुताबिक, अवैध मतदाताओं में सबसे ज्यादा बांग्लादेश के लोग शामिल हैं, जो भारत में जीविका के लिए पहले तो अवैध तरीके से दाखिल हुए और फिर फर्जी दस्तावेज बनवाकर यहीं बस गए। विपक्षी दलों का कहना है कि सत्तारूढ़ दल भाजपा वोट काटने के मकसद से एसआईआर करा रही है ताकि मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में किया जा सके।
कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया के दौरान काम के दबाव के चलते जान गंवाने वाले BLO की मौत को मर्डर बताया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि 20 दिनों में 26 बूथ लेवल ऑफिसर्स की मौत हुई। यह मर्डर है। उन्होंने कहा कि गोंडा के BLO विपिन यादव के परिवार ने बताया कि उन पर वोटर लिस्ट से पिछड़े वर्ग के लोगों के नाम हटाने का दबाव था। यह कोई कहानी नहीं बल्कि देश के सामने आज का कड़वा सच है।
Published on:
28 Nov 2025 02:05 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
