
झारखंड में प्रमुख अग्रणी बैंक आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ऋण नहीं दे रहे। यह सच्चाई शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में स्टेट लेवल बैंकर्स हाउसिंग सब कमेटी की बैठक में सामने आई। सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बैंकों के इस रुख पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
राज्य में सिर्फ केनरा बैंक ने 1200 लोगों को दिया लोन
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर लाभार्थियों विशेषकर 5 लाख से नीचे के होम लोन बैंक स्वीकृत नहीं कर रहे। यह बेहद गंभीर स्थिति है। राज्य के अग्रणी बैंकों में शामिल बैंक ऑफ इंडिया एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से इस योजना के अंतर्गत अभी तक एक भी गृह ऋण की स्वीकृति नहीं की गई है। ऐसे में शहरी इलाके में गरीबों को आवास देने की सरकार की योजना का लक्ष्य कैसे पूरा होगा? राज्य में एकमात्र केनरा बैंक ने इस योजना के तहत 1,200 लाभार्थियों को गृह ऋण प्रदान किया है।
हर हाल में लक्ष्य पूरा करने का आदेश
सरकार के प्रधान सचिव ने बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि सभी संबंधित बैंक एक माह में सभी जमा आवेदनों की समीक्षा करें एवं आवश्यक कारवाई करें। अगली बैठक तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ऋण देने का लक्ष्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में सुधार नहीं होने पर वित्त विभाग को सूचित किया जाएगा। नगरीय प्रशासन निदेशालय को बैंकों से समन्वय कर आवास मेला का आयोजन करने का भी निर्देश दिया गया।
राज्य में दीनदयाल योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन एवं पीएम स्वानिधि योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों एवं फुटपाथ विक्रेताओं को दिए जाने वाले लोन की भी समीक्षा की गई। सरकार के प्रधान सचिव ने पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत बैंकों द्वारा 5,088 लाभार्थियों के स्वीकृत ऋण वितरित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक सत्येंद्र कुमार, जमशेदपुर अक्षेस, धनबाद नगर निगम, देवघर नगर निगम, मधुपुर नगर परिषद एवं सरायकेला नगर पंचायत के नगर प्रशासक सहित राज्य के सभी प्रमुख बैंकों के राज्य स्तरीय पदाधिकारी शामिल रहे।
Updated on:
07 Sept 2024 12:24 pm
Published on:
06 Sept 2024 06:25 pm
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