
सपा नेता की पूर्व गर्लफ्रेंड ने डाला रंग में भंग! Image Source - 'X' @PoonamPanditIND
Crime News: समाजवादी पार्टी (SP) के युवा नेता दीपक गिरी और कांग्रेस नेता पूनम पंडित की सगाई हुई। जिसके साथ ही विवाद ने जन्म ले लिया है। दीपक गिरि की कथित पूर्व प्रेमिका ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, दीपक की मंगेतर पूनम पंडित ने सभी आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है।
मीडिया के साथ बातचीत के दौरान पीड़िता ने कहा कि उनकी दीपक से पहली पहचान 2018 में फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट मिलने के बाद हुई थी। इसके बाद दीपक ने पीड़िता को मिलने के लिए बुलाया। जहां गंगानगर के एक मकान में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाकर उसके साथ गलत काम किया गया। पीड़िता का आरोप है कि सपा नेता ने उसकी फोटो और अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि सपा नेता ने वीडियो और फोटो का इस्तेमाल कर ब्लैकमेल करते हुए उसका कई बार शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि ब्लैकमेल और दबाव के कारण उससे 40 से 50 लाख रुपए की रकम भी ली गई। दिखावे के लिए जून 2021 में आर्य समाज मंदिर में उनकी शादी भी करवाई गई।
पीड़िता ने बताया कि दीपक ने उसके ATM कार्ड से पैसे अपने पिता के खाते में ट्रांसफर करावा लिए। साथ ही उसे बंधक बनाकर भी रखा गया था। इस दौरान उसका फोन भी छीन लिया गया था। मई 2025 से उस पर पति को तलाक देने का दबाव डाला जा रहा था। ऐसा नहीं करने पर उसके बच्चों को मारने की धमकी दी गई। जिसका साक्ष्य उसने जांच अधिकारियों को भी दिया है। बता दें कि 15 अक्टूबर को दीपक ने बुलंदशहर की पूनम पंडित से सगाई कर ली। जिससे पीड़िता को गहरा आघात पहुंचा है।
मामले को लेकर पीड़िता ने 26 अक्टूबर को भावनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों में दीपक गिरी, उनके पिता कृष्णपाल, दोनों भाई कुलदीप, प्रदीप और मंगेतर पूनम पंडित शामिल हैं। शिकायत में नशीला पदार्थ देकर रेप, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल, आर्थिक शोषण और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग और बैंक ट्रांजैक्शन जैसे दस्तावेजी सबूत भी मौजूद हैं।
वहीं, पूनम पंडित का मामले को लेकर कहना है कि महिला के आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत हैं और आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। पूनम पंडित ने कहा कि आरोप लगाने वाली महिला मानसिक रूप से बीमार है और उसे बेहतर इलाज की जरूरत है।
वहीं, पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय राजनीतिक पार्टियां भी इस मामले में सक्रिय हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी (SP) ने दीपक गिरी को मेरठ युवजन सभा के जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया है। पुलिस ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सभी पक्षों से साक्ष्य और गवाहों के बयान लिए जाएंगे।
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Published on:
03 Nov 2025 01:33 pm
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