
अपनी गर्भवती पत्नी से छुटकारा पाने के लिए युवक ने रची खुद की ‘किडनैपिंग’, पुलिस ने 48 घंटे में खोल दी पोल (फोटो सोर्स : Police Whatsapp News Group )
Fake Kidnapping Crime Story: लखनऊ में पुलिस ने एक ऐसी हैरान कर देने वाली घटना का खुलासा किया है, जिसने सभी को चौंका दिया। शहर के एक बाइक मैकेनिक ने अपनी गर्भवती पत्नी से छुटकारा पाने के लिए न सिर्फ खुद को ‘लापता’ कर लिया, बल्कि एक नाबालिग लड़के को पैसा देकर अपनी झूठी किडनैपिंग की कहानी भी गढ़वाई। दो दिनों तक चली खोजबीन और तकनीकी पड़ताल के बाद पुलिस ने इस पूरे प्रपंच का पर्दाफाश कर दिया। इंदिरानगर पुलिस की जांच ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी फुटेज और फील्ड इंटेलिजेंस का संयोजन किस तरह बड़े से बड़े दावों की हकीकत सामने ला सकता है।
मामला लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र के अबरार नगर ढाला निवासी फुरकान से जुड़ा है, जो खुर्रम नगर में एक छोटी मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे वह एक नाबालिग परिचित के साथ घर से बाहर निकला। इसके कुछ ही देर बाद वही नाबालिग फुरकान की गर्भवती पत्नी आयशा के पास पहुँचा और एक सनसनीखेज कहानी सुना दी। लड़के ने कहा कि CIMAP के पास कार सवार 3-4 लोगों ने फुरकान को घेर लिया, बेरहमी से पीटा, आसपास किसी को पास आने पर मारने की धमकी दी और उसे जबरन उठाकर कार में डाल ले गए। इस कहानी ने पहले से चिंताओं में घिरी आयशा को दहशत में डाल दिया।
घबराई और रोती-बिलखती आयशा तुरंत इंदिरानगर थाने पहुँची और पुलिस को पूरा विवरण बताया। मामला गंभीर था,एक गर्भवती महिला अपने पति की अपहरण की सूचना दे रही थी। इंदिरानगर इंस्पेक्टर सुनील कुमार तिवारी ने तथ्य गंभीर देखते हुए अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। ACP इंदिरा नगर अनिंद्य विक्रम सिंह के निर्देशन में दो विशेष टीमों का गठन किया गया और फुरकान की तलाश शुरू हुई।
पुलिस टीम ने सबसे पहले उस क्षेत्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, जहां कथित अपहरण हुआ बताया गया था। लेकिन फुटेज में कहीं भी कार रुकती नहीं दिखी, न कोई झड़प, न कोई मारपीट, न ही कोई आपराधिक गतिविधि। जांच आगे बढ़ी तो एक फुटेज में फुरकान अकेले, पूरी तरह शांत और बिना किसी चोट के पैदल चलते हुए नजर आया। वह आराम से मुंशी पुलिया की ओर बढ़ रहा था। कुछ ही दूरी पर दूसरे कैमरे में वह एक ऑटो में बैठते हुए भी दिखा। यह नज़ारा कहानी से बिल्कुल उलट था। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। किसी ने कोई शोरगुल, झगड़ा, अपहरण या संदिग्ध हरकत नहीं देखी थी। इससे पुलिस को पुख्ता शक होना शुरू हो गया कि पूरा मामला बनावटी हो सकता है।
लगातार दो दिनों तक तकनीकी निगरानी, लोकेशन ट्रैकिंग और फुटेज के जरिए पुलिस फरकान की तलाश में लगी रही। आखिरकार शुक्रवार शाम को फुरकान मुंशी पुलिया के पास दबोच लिया गया। जब पुलिस ने फुटेज और सबूत सामने रखे, तो फुरकान टूट गया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में फुरकान ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी से लगातार झगड़ों से परेशान था। आयशा गर्भवती थी और इन दिनों तनाव बढ़ गया था। फुरकान ने पुलिस को बताया कि वह पत्नी से "छुटकारा" पाना चाहता था और इसी चक्कर में उसने खुद की फर्जी अपहरण की योजना बनाई। उसने एक नाबालिग लड़के को 2000 रुपये दिए ताकि वह उसकी पत्नी को झूठी कहानी सुना कर उसे और पुलिस को गुमराह कर सके।
ACP अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि फरकान ने स्वीकार किया ,लगातार झगड़े से तंग आकर मैं घर और पत्नी दोनों से छुटकारा पाना चाहता था। इसलिए सोचा कि गायब हो जाऊं और कोई मुझे खोज न सके। इसलिए अपहरण की कहानी बनाई। फुरकान ने यह भी कहा कि वह कहीं दूर निकल जाने वाला था, लेकिन तकनीकी निगरानी से बच नहीं पाया। चूँकि मामले में एक नाबालिग का इस्तेमाल किया गया था, पुलिस ने उसके परिवार को बुलाकर पूरी जानकारी दी और उसे जुवेनाइल एक्ट के तहत समझाइश देते हुए मामले में शामिल किया।
पुलिस की पूरी कार्रवाई के बाद जब आयशा को सच्चाई बताई गई, वह सदमे में चली गई। वह बार-बार यही कहती रही, मैंने दो रातें नींद नहीं लीं… मुझे लगा था मेरा पति मर गया होगा। कानूनी कार्रवाई तय फुरकान के खिलाफ IPC की धारा,182 (झूठी जानकारी देना),203 (झूठ रिपोर्ट बनाना),120B (साजिश) और नाबालिग को गलत तरीके से इस्तेमाल करने,जैसी धाराओं में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह केवल पत्नी को धोखा देने का मामला नहीं, बल्कि पुलिस संसाधनों का गलत उपयोग, झूठी FIR और सार्वजनिक व्यवस्था से खिलवाड़ का भी गंभीर अपराध है। तकनीक ने फिर साबित किया,अपराध कितना भी चालाक क्यों न हो, सच सामने आता है,इस केस ने एक बार फिर दिखा दिया कि सीसीटीवी, तकनीकी निगरानी और पुलिस की फील्ड जांच मिलकर किसी भी बड़ी से बड़ी झूठी कहानी को चंद घंटों में धराशायी कर सकते हैं। फुरकान की चालाकी कुछ देर चली, मगर कानून के सामने जल्द ही उसका सच उजागर हो गया।
Published on:
29 Nov 2025 02:58 pm
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