
धान कटाई के लिए भी ढोए जा रहे श्रमिक (photo source- Patrika)
Paddy Harvesting: बस्तर जिले में धान कटाई का सीजन चरम पर है और स्थानीय मजदूरों की कमी के बीच किसान अब पड़ोसी राज्यों से मजदूर बुलाने को मजबूर हो गए हैं। दूरदराज से आने वाले इन श्रमिकों को नियमों के विरुद्ध मालवाहक गाड़ियों, पिकअप और ऑटो में ठूंस-ठूंसकर ढोया जा रहा है, लेकिन इस अवैध परिवहन पर प्रशासन की सख्ती नदारद है। ऐसे में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।
ताजा मामला गीदम मार्ग में डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के पास का है जहां बाइक से टकराकर मजदूरों से भरी ऑटो पलट गई थी, जिसमें करीब दर्जनभर श्रमिक घायल हो गए। हादसे के बाद भी चालक पर किसी तरह की कड़ी कार्रवाई नहीं होने से लोग आक्रोशित हैं।
सुरक्षा नियमों को तक में रखकर मालवाहक वाहनों में सवारी ढोना न केवल अवैध है बल्कि मजदूरों की जान से खुला खिलवाड़ है। श्रमिकों को छतविहीन गाड़ियों में बैठाकर लंबी दूरी तय कराई जाती है, ऐसे में हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि इन वाहनों पर कार्रवाई नहीं होने से चालक बेखौफ होकर सड़क पर पिकअप और अन्य गाड़ियां दौड़ा रहे हैं।
Paddy Harvesting: किसानों का कहना है कि फसलों की कटाई के समय इलाके में मजदूरों की भारी कमी हो जाती है। ऐसे में 'पिकअप नेटवर्क' के माध्यम से उड़ीसा और तेलंगाना से मजदूर लाए जाते हैं। मजदूरों को खेतों तक पहुंचाने का जिमा वाहन चालकों पर होता है, जो जल्दी मजदूरों की डिलीवरी के चक्कर में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए ओवरलोड वाहन दौड़ाते हैं।
Updated on:
29 Nov 2025 01:18 pm
Published on:
29 Nov 2025 01:17 pm
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