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SIR में 12 हजार मृत मतदाताओं के नाम सामने आए

SIR: अब तक किए सर्वे में 12 हजार से अधिक मृत मतदाताओं के नाम सामने आए हैं। जिले में 68 फीसदी मतदाताओं के पत्रक डिजिटल हो गए हैं।

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चुनाव आयोग ने कल तक काम पूरा करने का दिया है लक्ष्य- 4 से पहले काम खत्म करने का है दबाव

चुनाव आयोग ने कल तक काम पूरा करने का दिया है लक्ष्य- 4 से पहले काम खत्म करने का है दबाव

SIR: चुनाव आयोग ने 30 नवंबर तक मतदाताओं से गणना पत्रक लेकर उन्हें डिजिटल करने का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अब बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने मतदाताओं के पीछे घूमना बंद कर दिया है। जो मतदाता गणना पत्रक भरकर नहीं दे रहे हैं और न जानकारी दे रहे हैं और मौके पर भी नहीं मिल रहे हैं। उन्हें शिफ्टेड की सूची में दिखाया जा रहा है। इस कारण शिफ्टेड मतदाताओं की संख्या 56 हजार तक पहुंच गई है। शिफ्टेड मतदाताओं का नाम प्रारंभिक सूची में नहीं आएगा, लेकिन दावे-आपत्तियों के दौरान उसे अपना पक्ष रखने का एक मौका मिलेगा। नोटिस पर ईआरओ ऑफिस में उपस्थित होना होगा। वहीं दूसरी ओर अब तक किए सर्वे में 12 हजार से अधिक मृत मतदाताओं के नाम सामने आए हैं। जिले में 68 फीसदी मतदाताओं के पत्रक डिजिटल हो गए हैं।

दरअसल 4 नवंबर से जिले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू हुआ था। गणना पत्रक वितरण के बाद बीएलओ ने वापस लेना शुरू कर दिया है। बीएलओ मतदाताओं के घर तीन बार से ज्यादा बार घूम चुके हैं, लेकिन लोग जानकारी नहीं दे रहे हैं। शहरी क्षेत्र में स्थिति ज्यादा चिंता जनक है। वहीं आयोग भी इस कार्य को समय पर खत्म करने के लिए दबाव बनाए हुए हैं। 4 दिसंबर से पहले कार्य को खत्म करने के लिए बीएलओ को ऐसा विकल्प दे दिया है कि जिससे काम आसान हो गया है। जो जानकारी नहीं दे रहे हैं, उनके आगे शिफ्टे की जानकारी भरी जा रही है। इस कारण शिफ्टेड की संख्या बढ़ रही है।

तीन बार ही आने का है नियम

- बीएलओ को मतदाता के घर तीन बार आने का निमय है, लेकिन तीन बार से अधिक बार उनके घर पहुंच रहे हैं। फॉर्म मतदाता को भरना है, लेकिन लोग उसे कोरा रखे हुए हैं।

- 2003 की जानकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। गणना पत्रक भी लोगों ने खो दिए हैं।

- अभी काम घर पर हो रहा है। प्रारंभिक सूची में नाम नहीं आया तो ईआरओ ऑफिस के चक्कर काटने पड़ेंगे। दस्तावेज भी देने होंगे।

- आदिवासियों के साथ सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, क्योंकि इनके पास रिकॉर्ड नहीं है। जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। न गणना पत्रक लौटाए हैं। मौके पर भी नहीं मिले हैं। क्योंकि बीएलओ के पहुंचने से पहले घर से चले जाते हैं।

SIR फार्म में गलत जानकारी देने पर होगी कानूनी कार्रवाई

चुनाव आयोग ने एसआइआर फार्म में गलत जानकारी देने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान दोहराया है। यदि कोई व्यक्ति एसआइआर फार्म में गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के अनुसार, दोषी पाए जाने पर दो साल तक की कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एस आई आई प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मतदाता द्वारा दी जाने वाली सभी सूचनाओं की सत्यता अनिवार्य है।

गणना पत्रक जमा नहीं किया तो मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं होगा

जो लोग गणना पत्रक भरकर बीएलओ को उपलब्ध नहीं कराएंगे अथवा ऑन लाइन गणना पत्रक नहीं भरेंगे, उनके नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रुचिका चौहान ने जिले के मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें गणना पत्रक भरने में कोई दिक्कत आ रही हो तो वे अपने क्षेत्र के बीएलओ एवं जनमित्र केन्द्र, तहसील कार्यालय व कलेक्ट्रेट इत्यादि में संचालित मतदाता सहायता केंद्र के सहयोग से गणना पत्रक भर सकते हैं।