
Oxford of the East in India (Image: intcent.unipune.ac.in)
Oxford of the East: क्या आप जानते हैं भारत का ऐसा कौन-सा शहर है जिसे 'पूर्व का ऑक्सफोर्ड' कहा जाता है। अगर नहीं तो तो चलिए जानते हैं। पुणे, भारत के महाराष्ट्र राज्य में स्थित ऐतिहासिक शहर है, जिसे अक्सर 'पूर्व का ऑक्सफोर्ड' कहा जाता है। यह शहर भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शिक्षा और संस्कृति के लिहाज से अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस शहर का इतिहास करीब 1400 साल पुराना है और यहां की शैक्षिक धरोहर और सांस्कृतिक समृद्धि ही इसे 'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' की उपाधि दिलाती है। पुणे का शैक्षिक माहौल पुराने समय से ही मजबूत रहा है और आज यह भारत और दुनिया में एक प्रमुख शैक्षिक केंद्र के रूप में स्थापित है।
पुणे का शिक्षा से जुड़ा इतिहास बहुत पुराना है। 19वीं शताब्दी में समाज सुधारकों महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले ने यहां महिलाओं की शिक्षा की नींव रखी थी। उसी सोच ने आगे चलकर इस शहर को ज्ञान और प्रगति का केंद्र बना दिया।
1949 में यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे की स्थापना हुई जो अब सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी के नाम से जानी जाती है। यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। इसके साथ ही, फर्ग्यूसन कॉलेज (1885), कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP), आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) जैसे संस्थानों ने पुणे को शिक्षा का मजबूत गढ़ बनाया है।
आज पुणे में 600 से ज्यादा कॉलेज और 23 विश्वविद्यालय हैं। यूनाइटेड किंगडम के ऑक्सफोर्ड की तरह यहां की गलियां विद्यार्थियों, कैफे और चर्चा से भरे सांस्कृतिक स्थलों से जीवंत रहती हैं। इसी वजह से इसे प्यार से 'Oxford of the East' यानि 'पूर्व का ऑक्सफोर्ड' कहा जाता है।
पुणे का अतीत मराठा साम्राज्य से जुड़ा हुआ है। कभी यह साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था और आज भी यहां का शनिवारवाड़ा किला उस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है।
इसके अलावा आगा खान पैलेस, जहां महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान नजरबंद किया गया था, अब एक ऐतिहासिक संग्रहालय बन चुके हैं।
दूसरी ओर, आज का पुणे आधुनिक आईटी पार्क्स, स्टार्टअप हब्स और युवा ऊर्जा से भरा हुआ शहर है।
पुणे केवल पढ़ाई और नौकरी के लिए नहीं बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक बेहतरीन जगह है।
शनिवारवाड़ा किला: मराठा पेशवाओं का मुख्यालय रहा यह किला अब एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है। यहां का लाइट एंड साउंड शो जरूर देखने लायक है।
आगा खान पैलेस: गांधीजी के जीवन से जुड़ी यादों को समेटे यह जगह इतिहास प्रेमियों के लिए खास है।
सिंहगढ़ किला: रोमांच के शौकीनों के लिए यह जगह परफेक्ट ट्रेकिंग स्पॉट है।
पटालेश्वर गुफा मंदिर: 8वीं शताब्दी में पत्थरों से बना यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है।
ओशो आश्रम, कोरेगांव पार्क: ध्यान और मानसिक शांति चाहने वालों के लिए यह दुनिया भर के लोगों का केंद्र है।
दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर: गणेश चतुर्थी के समय यह मंदिर पूरे शहर की धड़कन बन जाता है।
Published on:
30 Oct 2025 05:07 pm
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