30 नवंबर 2025,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बस जलने का मामला, डबल रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट की जांच में जुटी पुलिस

राजाखेड़ा क्षेत्र के समोना गांव ने गत शनिवार स्लीपर बस में हाइटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से लगी भीषण आग से एक महिला की मृत्यु हो गई जबकि आधा दर्जन से अधिक बकरियों की मौत हो गई। उक्त प्रकरण को जांच में जुटी में पुलिस के सामने बस पर दो रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट सामने आने पर मामला पेचीदा हो गया। पुलिस ने अब बस मालिक और चालक-परिचालक की तलाश शुरू कर दी है।

2 min read
Google source verification
बस जलने का मामला, डबल रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट की जांच में जुटी पुलिस Bus burning case: Police investigating double registration number plate

परिवहन विभाग से मांगी जानकारी

- गांव समोना में बस जलने का मामला

dholpur, राजाखेड़ा क्षेत्र के समोना गांव ने गत शनिवार स्लीपर बस में हाइटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से लगी भीषण आग से एक महिला की मृत्यु हो गई जबकि आधा दर्जन से अधिक बकरियों की मौत हो गई। उक्त प्रकरण को जांच में जुटी में पुलिस के सामने बस पर दो रजिस्ट्रेशन नम्बर प्लेट सामने आने पर मामला पेचीदा हो गया। पुलिस ने अब बस मालिक और चालक-परिचालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में परिवहन विभाग से भी जानकारी मांगी है। उधर, परिवहन विभाग डबल रजिस्ट्रेशन का मामला सामने आने पर सतर्क हो गया है। हालांकि, विभागीय अधिकारी मामले में ज्यादा कहने से कतरा रहे हैं।

विभाग अब तक नहीं कर पाया जांच आरम्भ

घटना में एक सनसनीखेज खुलासा यह हुआ कि बस पर दोहरे पंजीकरण नम्बर हैं और एक प्लेट जो मध्यप्रदेश के पंजीकरण की है उसके ही नीचे उत्तरप्रदेश के पंजीकरण के नम्बर भी अंकित हैं। ऐसे में बस किस नम्बर पंजीकृत है, यह जांच का विषय बना हुआ है। साथ ही बस इतने दिनों से कैसे इलाके में संचालित थी, इसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, घटना को लेकर छह दिन हो चुके हैं लेकिन अभी परिवहन विभाग की ओर से जांच आगे नहीं बढ़ी है।

निजी बसों की हो जांच

वहीं इस घटना से चिंतित नागरिक जिले में सडक़ों पर दौड़ रही निजी बसों की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। जिससे वास्तविक ओर सुरक्षित बसों में यात्रा कर सकें। स्थानीय नागरिक सीताराम, देशदीपक, प्रमोद आदि के अनुसार प्रत्येक बस को जांच के बाद एक कोई ऐसा स्टीकर शीशे पर चिपकाया जाए जिसमे उसकी वैधता, जांच की तिथि और मानकों को पूरा करने का ब्यौरा दिया जाना चाहिए। जिसको देखकर ही यात्री उनमें सफर करे।