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UKSSSC पेपर लीक केस में CBI का बड़ा एक्शन: टिहरी के सहायक प्रोफेसर अरेस्ट; पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे

UKSSSC Paper Leak: CBI ने UKSSSC पेपर लीक मामले में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए टिहरी गढ़वाल के एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी भाई-बहन समेत तीन लोगों की साजिश की भूमिका सामने आई है। डिजिटल साक्ष्यों और लंबी पूछताछ के बाद CBI मामले की कड़ियों को जोड़ रही है।

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UKSSSC पेपर लीक केस में CBI का बड़ा एक्शन: Image Source - Pinterest

UKSSSC Paper Leak CBI Arrest Professor: उत्तराखंड में UKSSSC पेपर लीक मामले की जांच करते हुए CBI ने आखिरकार पहली बड़ी कार्रवाई कर टिहरी गढ़वाल के एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शहीद हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय, अगरोरा (धार मंडल) में पदस्थ था और उस पर पेपर लीक साजिश में सक्रिय भूमिका निभाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस गिरफ्तारी के साथ CBI की जांच नए मोड़ पर पहुंच गई है।

भाई-बहन सहित तीन लोगों पर साजिश के आरोप

CBI ने सहायक प्रोफेसर के अलावा दो अन्य निजी व्यक्तियों एक भाई और उसकी बहन को भी हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने इन दोनों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक के लिए योजनाबद्ध तरीके से सहयोग किया था। यह नेटवर्क परीक्षा की गोपनीयता तोड़कर आर्थिक लाभ और अनैतिक फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया था। जांच एजेंसी आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड और संचार माध्यमों की गहन जांच कर रही है।

मोबाइल और अन्य उपकरणों से हुए चौंकाने वाले खुलासे

CBI ने आरोपी प्रोफेसर और उसकी बहन से कई घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान एजेंसी ने उनके मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिनकी तकनीकी जांच में कई अहम सबूत मिले हैं। इन साक्ष्यों ने पेपर लीक साजिश की कड़ियों को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। जांच अधिकारियों के अनुसार, कॉल रिकॉर्ड, चैट और फॉरेंसिक डेटा से इस पूरे ऑपरेशन की समय-सीमा और शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट हो रही है।

और गिरफ्तारियों की भी संभावना

मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां CBI उसकी रिमांड मांग सकती है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह केवल शुरुआत है, आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। पूरे मामले में दिन-प्रतिदिन नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि यह पेपर लीक सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं था बल्कि एक बड़े नेटवर्क की संगठित साजिश का हिस्सा था।