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अच्छा क्रेडिट स्कोर नहीं है Loan की गारंटी, बैंक इन बातों पर भी देते हैं ध्यान

Reasons for Loan Rejection: आपकी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट होगी या नहीं, यह केवल क्रेडिट स्कोर पर ही निर्भर नहीं करता। बैंक कई बातों पर गौर करते हैं।

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Credit Score and Loan

क्रेडिट स्कोर अच्छा होने के बावजूद लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है। (PC: AI)

Good Credit Score Enough for Loan Approval?: क्या लोन के लिए क्रेडिट स्कोर (Credit Score) का अच्छा होना जरूरी है? इस सवाल का जवाब है - हां। लेकिन एक अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन की गारंटी नहीं होता। बैंक या वित्तीय संस्थान लोन देने से पहले क्रेडिट स्कोर के साथ-साथ कई बातों पर गौर करते हैं और यदि आप उनके मानदंडों पर खरे नहीं उतरते तो आवेदन रद्द ही समझिए।

क्रेडिट स्कोर प्रोफाइल का महज एक हिस्सा

अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन के दरवाजे खोलता है, लेकिन केवल इसी का अच्छा होना काफी नहीं है। क्रेडिट स्कोर दर्शाता है कि व्यक्ति ने अपने पिछले कर्ज यानी कि लोन का प्रबंधन कैसे किया। यह आपके प्रोफाइल का महज एक हिस्सा मात्र है। इससे यह पता नहीं चलता कि आपके पास किस तरह की नौकरी है या वर्तमान में आपकी वित्तीय स्थिति कैसी है। इसलिए लोन का आवेदन करते समय एक जैसे क्रेडिट स्कोर वाले दो लोगों के लिए परिणाम अलग हो सकते हैं।

नौकरीपेशा लोगों के लिए रेड फ्लैग

मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, जब कोई व्यक्ति लोन के लिए आवेदन करता है, तो बैंक सिर्फ यह नहीं जानना चाहते कि उसने पहला लोन चुकाया है या नहीं। बल्कि यह भी कि क्या वह आगे भी चुकाने की स्थिति में है। नौकरीपेशा लोगों के लिए स्थिरता जरूरी है। बार-बार नौकरी बदलना, प्रोबेशन पीरियड या नौकरी में गैप आपके आवेदन को कमजोर कर सकते हैं। अधिकांश बैंक ऐसे लोगों को लोन देना पसंद करते हैं, जिन्होंने एक ही कंपनी में कम से कम दो से तीन साल लगातार काम किया हो। अगर नौकरी किसी बड़ी कंपनी में है, तो लोन अप्रूव होने की संभावना बढ़ जाती है।

सेल्फ-एम्प्लॉयड के लिए रेड फ्लैग

यदि आवेदक सेल्फ-एम्प्लॉयड हैं, तो स्क्रूटनी और भी ज्यादा कड़ी हो जाती है। बैंक आवेदक की बिजनेस इनकम, पिछले रिटर्न और यह भी देखते हैं कि उसके ऑपरेशन कितने स्टेबल हैं। टर्नओवर में थोड़ी सी गिरावट या समय पर रिटर्न फाइल नहीं करना, ऐसे लोगों के लोन मिलने की संभावना को खत्म कर सकता है। फिर भले ही उनका क्रेडिट स्कोर कितना भी अच्छा क्यों न हो।

इनकम और खर्चे के बीच हो ऐसा संतुलन

भले ही आपका क्रेडिट स्कोर कितना भी अच्छा हो, लेकिन अगर आपकी इनकम का एक बड़ा हिस्सा पहले से चल रहीं EMIs और क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने में चला जाता है, तो लोन मुश्किल है। आमतौर पर बैंक चाहते हैं कि व्यक्ति का कर्ज चुकाने पर खर्चा उसकी इनकम के 40-50 प्रतिशत से कम रहे। ऐसे में यदि आप पहले से इस सीमा के नजदीक हैं, तो नया लोन आपकी वित्तीय स्थिति को बिगाड़ सकता है और इसलिए बैंक लोन देने से पीछे हट सकते हैं। सीधा का फंड है - आपकी लायबिलिटी जितनी कम होगी, लोन मिलने की संभावना उतनी बढ़ जाएगी।

बार-बार अप्लाई करने से बिगड़ती है छवि

इसके अलावा, बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करना भी बैंकों की नजर में आपकी छवि को प्रभावित कर सकता है। इससे यह संदेश जाता है कि आप क्रेडिट के लिए बेहद परेशान हैं और बैंक इसे रेड फ्लैग के रूप में लेते हैं। भले ही आपका क्रेडिट स्कोर ज्यादा रहे, लेकिन यह पैटर्न आपके फाइनेंशियल डिसिप्लिन पर संदेह पैदा करता है।

इन बातों का रखें ख्याल

आपको यह बात समझनी होगी कि बढ़िया क्रेडिट स्कोर लोन की संभावना को बढ़ता जरूर है, लेकिन बैंक कागज पर लिखे नंबरों से ज्यादा ओवरऑल रिलायबिलिटी पर ध्यान देते हैं। अपने आवेदन को मजबूत बनाने के लिए एक ही नौकरी में लंबे समय रह टिके रहना, कुल कर्ज में कमी लाना, बार-बार लोन या कार्ड के आवेदन से बचना और प्रत्येक बैंक या वित्तीय संस्थान के साथ अपने सभी रिकॉर्ड साफ रखना बेहद महत्वपूर्ण है।