
केवल टैक्स नहीं कई दूसरे कारणों से देश छोड़ रहे अमीर भारतीय (PC: perplexityAI)
अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि भारत में टैक्स का बोझ ज्यादा है और इसके चलते ही अमीर भारतीय विदेशों का रुख कर रहे हैं। यह सच्चाई हो सकती है, लेकिन तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है। फाइनेंशियल एडवाइजर और कंटेंट क्रिएटर अक्षत श्रीवास्तव ने उन कारणों की तरफ ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है, जो हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNIs) को अपना देश छोड़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
अक्षत श्रीवास्तव का कहना है कि अमीर भारतीय केवल टैक्स के चलते ही देश नहीं छोड़ रहे। उनके लिए स्वच्छ हवा, सुरक्षा और अपने बच्चों का भविष्य भी मायने रखता है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है - मैं बता नहीं सकता कि कितने अमीर भारतीय मुझसे देश छोड़ने को लेकर बात करते हैं। उनका मकसद केवल टैक्स बचाना नहीं है। वह अपने बच्चों के लिए बेहतर लाइफस्टाइल चाहते हैं। वह स्वच्छ हवा में सांस लेना और सुरक्षा चाहते हैं। अक्षत के इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
अक्षत ने कहा कि जब अमीर भारतीय देश छोड़ते हैं, तो उसके आर्थिक और सामाजिक परिणाम लंबे समय तक महसूस किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 2% से भी कम भारतीय डायरेक्ट टैक्स देते हैं, जबकि HNIs का कुल टैक्स बेस में सबसे अधिक योगदान होता है। ऐसे में उनके देश छोड़ने से प्रभाव को समझा जा सकता है। अक्षत ने यह भी कहा कि न्यायपालिका, प्रदूषण और इन्फ्रस्ट्रक्चर जैसे मुद्दों के अलावा सामाजिक सामंजस्य में कमी भी अमीरों को देश से दूर ले जा रही है।
अक्षत ने बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा पहले कम से कम सामाजिक सामंजस्य देखने को मिलता है। लेकिन अब प्रदूषण दिखाई दे रहा है। AQI 999+ तक जा सकता है, लेकिन लोग कहेंगे कि प्रदूषण नापने वाले मीटर को सोरोस ने बनवाया है। बता दें कि जॉर्ज सोरोस अमेरिकी कारोबारी हैं और भारत विरोधी बयानों के लिए पहचाने जाते हैं।
बीते कुछ सालों में बड़ी संख्या में अमीर भारतीयों ने देश छोड़ा है। मशहूर क्रिकेटर विराट कोहली भी लंदन में बस गए हैं और उनका वापसी का कोई इरादा नहीं है। इस साल की शुरुआत में आई हेनली एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि 2025 में करीब 3500 करोड़पति भारतीय देश छोड़कर बाहर बस सकते हैं। हालांकि, पहले के मुकाबले यह संख्या कम है, फिर भी अमीरों का देश छोड़ना चिंता का विषय बना हुआ है। 2024 में भारत छोड़कर दूसरे देशों में बसने वालों का आंकड़ा 4300 था। 2023 में कुल 5,100 करोड़पति भारत छोड़कर गए थे।
Published on:
28 Nov 2025 11:52 am
बड़ी खबरें
View Allकारोबार
ट्रेंडिंग
