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पर्याप्त साधन मिले तो पूरे माल का रोजाना हो लदान

कृषि उपज मंडी में धान की हो रही बंपर आवक के अनुरूप माल की लदान व्यवस्था नहीं होने के चलते किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Nov 28, 2025

पर्याप्त साधन मिले तो पूरे माल का रोजाना हो लदान

रामगंजबालाजी. कृषि उपज मंडी के 7 नंबर प्लेटफार्म पर बुधवार को खरीद किए गए माल की बोरियों के टांके लगते हम्माल व प्लेटफार्म पर पड़ी बोरियां

रामगंजबालाजी. कृषि उपज मंडी में धान की हो रही बंपर आवक के अनुरूप माल की लदान व्यवस्था नहीं होने के चलते किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मंडी में रोजाना खरीद किए जाने वाले माल का लदान कार्य किए जाने के लिए व्यापारियों के पास पर्याप्त साधन नहीं होने के चलते व्यवस्था बिगड़ रही है।

जानकारी अनुसार कृषि उपज मंडी में इन दिनों धान की लगभग एक लाख बोरी करीब की रोजाना आवक हो रही है। मंडी में हो रही आवक के अनुरूप व्यापारियों द्वारा लदान करके माल को गंतव्य स्थान पर पहुंचाने के लिए पर्याप्त साधन नहीं लगा रखे हैं। यहां पर व्यापारियों द्वारा अपने ट्रैक्टर ट्रॉली व कुछ ट्रक के साथ ही हम्मालों के ट्रैक्टर ट्रॉली माल परिवहन के लिए लगा रखे हैं। मण्डी में लगाए गए साधनों से मंडी से कई व्यापारी के मीलों की दूरी 8 से 15 किलोमीटर की है। ऐसे में यहां पर माल की ट्रॉलियां भरने के बाद में कई घंटे तक हम्मालों को दूसरा वाहन आने का इंतजार करना पड़ता है। और इसी का कारण है कि रोजाना का माल रोजाना लदान नहीं हो पा रहा।

हालांकि मंडी सचिव द्वारा किसानों के लिए जो आदेश जारी किए थे। उनके आदेश की पालना किसानों द्वारा की जा रही है। कई किसानों द्वारा पालना नहीं किए जाने के चलते उनकी सड़क पर पड़े माल की नीलामी का कार्य दो दिन बाद भी नहीं हो सका था। ऐसे में गुरुवार को कई किसानों द्वारा सड़क पर पड़े माल को सड़क से हटाकर प्लेटफार्म पर डलवाया गया। उसके बाद किसानों के ढेरों की नीलामी का कार्य किया गया।

प्रशासन को सख्ती दिखाने की जरूरत
माल लदान को लेकर यहां जिला प्रशासन को सख्ती दिखाने आवश्यकता है। यदि मंडी में खरीद किए जाने वाले माल का अन्य साधन लगाकर रोजाना लदान कराया जाए तो मंडी रोजाना की रोजाना खाली हो सके। और यहां दर्जनों व सैकड़ों किलोमीटर से दूर माल बेचने आने वाले किसानों को राहत मिल सके। यहां पर मध्य प्रदेश से आने वाले किसानों को भी अपनी उपज बेचने के लिए दो दिन तक का भाड़ा वाहनों का चुकाना पड़ रहा है। उसके बाद मंडी में उनको प्रवेश मिल रहा है।