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Military Exercises: महाजन की रेत पर दिखी सेनाओं की ताकत, भारत-ब्रिटेन संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वॉरियर-25’ संपन्न

बीकानेर की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और ब्रिटेन के बीच 14 दिन चला संयुक्त सैन्य अभ्यास 'अजेय वॉरियर–25' सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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Military Exercises

फोटो- पत्रिका

Military Exercise in Bikaner बीकानेर। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में भारत और ब्रिटेन के बीच 14 दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास अजेय वॉरियर-25 रविवार को समाप्त हो गया। इस अभ्यास ने दोनों देशों की सेनाओं की युद्धक दक्षता, रणनीतिक समझ और सामरिक समन्वय को नई दिशा दी।

अभ्यास में दोनों देशों के 240 सैनिक शामिल हुए। भारतीय सेना की सिख रेजीमेंट और ब्रिटिश आर्मी की चौथी लाइट ब्रिगेड की द्वितीय बटालियन रॉयल गोरखा राइफल्स ने संयुक्त रूप से भागीदारी की। भारतीय दल का नेतृत्व कर्नल नीरज बेनीवाल ने किया, जबकि ब्रिटिश दल की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल साइमन डाइसन के पास रही।

संयुक्त रणनीतियों पर गहराई से हुआ प्रशिक्षण

इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद-रोधी अभियानों को अधिक प्रभावी बनाना और संयुक्त ऑपरेशनों की दक्षता बढ़ाना रहा। दो सप्ताह तक चले इस सैन्य अभ्यास में ब्रिगेड स्तर पर मिशन की संयुक्त योजना, सिमुलेशन आधारित सामरिक अभ्यास, वास्तविक आतंकवाद-रोधी परिदृश्यों पर कंपनी स्तर की फील्ड ट्रेनिंग शामिल रही। सैनिकों ने हाइब्रिड युद्ध, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस, रैपिड डिप्लॉयमेंट और इंटीग्रेटेड युद्धक रणनीतियों का भी विस्तृत प्रशिक्षण प्राप्त किया।

डीआरडीओ के अत्याधुनिक सिस्टम ने खींचा ध्यान

अभ्यास के दौरान डीआरडीओ के म्यूल सिस्टम, रोबोटिक सपोर्ट प्लेटफॉर्म और ड्रोन की क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। ब्रिटिश अधिकारियों ने भारतीय स्वदेशी सैन्य तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य के युद्ध संचालन में इन तकनीकों की बड़ी भूमिका होगी।

समापन समारोह में मिली सराहना

समापन दिवस पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभ्यास की उपलब्धियों को बताया। ब्रिगेडियर प्रयोग सुब्बा ने कहा कि अजेय वॉरियर–25 ने आतंकवाद-रोधी अभियानों और संयुक्त रणनीतियों को नई शक्ति प्रदान की है। भारतीय दल के कमांडर कर्नल नीरज बेनीवाल ने इसे सैनिकों के लिए सीख और सामरिक सहयोग का अनूठा अवसर बताया।

ब्रिटिश दल प्रमुख लेफ्टिनेंट कर्नल साइमन डाइसन ने कहा कि यह अभ्यास अक्टूबर में हुए नौसेना अभ्यास जितना ही महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में दोनों देशों के जवानों ने उत्कृष्ट समन्वय दिखाया। उन्होंने कहा कि अगला अभ्यास वर्ष 2027 में ब्रिटेन में आयोजित किया जाएगा। मेजर निखिल भट्ट ने भी इसे दोनों देशों के सैनिकों के लिए एक बेहतर अवसर बताया।