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पिता के खून से रंगे हाथ: शराब के पैसे न देने पर कातिल बना बेटा, अदालत बोली- उम्रभर सलाखों के पीछे रहना होगा

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में शराब के पैसे न देने पर पिता की गला दबाकर हत्या करने वाले बेटे को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अभियोजन की दलीलों के आधार पर कोर्ट ने इसे हत्या का मामला मानते हुए कठोर फैसला सुनाया।

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bijnor son sentenced to life for killing father over liquor money

पिता के खून से रंगे हाथ: Image Source - Pexels

Son sentenced to life for killing father in Bijnor: यूपी के बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र के अस्करीपुर गांव में पिता की गला दबाकर हत्या करने वाले आरोपी बेटे सुधीर को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव की अदालत ने कठोर रुख अपनाते हुए सुधीर को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने टिप्पणी की कि यह अपराध न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों और समाज की नैतिकता को गहरा आघात पहुंचाने वाला है।

आरोपी ने पूछताछ में किया अपराध कबूल

एडीजीसी जितेंद्र पाल राजपूत के मुताबिक, मृतक के चचेरे भाई शेर सिंह ने 10 अप्रैल 2021 की रात हुई इस वारदात की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि सुधीर शराब पीने के लिए अपने पिता चेतराम से पैसे मांग रहा था। जब चेतराम ने पैसे देने से इनकार किया, तो इसी बात से नाराज होकर सुधीर ने खौफनाक कदम उठाया। पहले उसने पिता के हाथ-पैर रस्सी से बांधे, फिर उन्हें घर के अंदर बंद करके दरवाजे पर कुंडी लगाकर चला गया।

रात में हुई मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई हत्या की पुष्टि

घटना वाली रात चेतराम की मौत हो गई थी। पहले पुलिस ने तहरीर के आधार पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। लेकिन बाद में कड़ाई से पूछताछ करने पर सुधीर ने स्वीकार किया कि उसने गुस्से में आकर अपने पिता की गला दबाकर हत्या की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी स्पष्ट हुआ कि मौत गला दबाने से हुई है, साथ ही चिकित्सकों ने शरीर पर चोट के निशानों की पुष्टि की, जिससे मामले की दिशा पूरी तरह बदल गई।

अदालत में पेश गवाहों के बयानों ने केस को और मजबूत किया

पहले पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के तहत चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन लोक अभियोजक ने चार्ज फ्रेम पर बहस करते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है। अभियोजन की दलील को अदालत ने स्वीकार किया और आरोपी पर धारा 302 के तहत हत्या का चार्ज फ्रेम किया। ट्रायल के दौरान अदालत में पेश गवाहों ने घटना का पूरा समर्थन किया और सुधीर के खिलाफ गवाही दी, जिससे अभियोजन पक्ष का पक्ष और मजबूत हो गया।

कोर्ट का सख्त फैसला: पिता की हत्या समाज और मानवता के खिलाफ अपराध

बुधवार को अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने इसे क्रूरता और विश्वासघात से जुड़ा गंभीर अपराध मानते हुए सुधीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि शराब के लिए पैसे न मिलने जैसी मामूली बात पर अपने ही पिता की हत्या करना किसी भी तरह क्षमा योग्य नहीं है।