
Priyanka Gandhi in MP: एमपी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर दिमनी विधानसभा सीट पर हैं विधायक। इसी सीट पर गरजेंगी प्रियंका गांधी, शुरू करेंगी हर बूथ मजबूत अभियान।
Priyanka Gandhi in MP: चुनावों में लगातार हार का स्वाद चख रही कांग्रेस के नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जहां वोट चोरी के खिलाफ अभियान शुरू कर बीजेपी और चुनाव आयोग को घेर रखा है, वहीं अब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी अब देश की 5 विधानसभा सीटों पर हर बूथ मजबूत अभियान शुरू कर दिया है। इन 5 विधानसभा सीटों में एक है एमपी के मुरैना जिले की दिमनी विधान सभा सीट।
गौरतलब है कि दिमनी विधानसभा सीट से एमपी बीजेपी के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर विधायक हैं। राजस्थान के बाड़मेर जिले की सिवाना से कांग्रेस के पूर्व विधायक और राजस्थान राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व गोपाराम मेघवाल को प्रियंका गांधी ने इस सीट की जिम्मेदारी सौंपी है।
बताते चलें कि कांग्रेस का हर बूथ मजबूत अभियान एमपी के साथ ही उत्तर प्रदेश की बांसगांव विधानसभा सीट, छत्तीसगढ़ की कांकेर सीट, राजस्थान की विराटनगर और हरियाणा की अलवर सीट पर शुरू किया जा रहा है।
दरअसल कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अलग-अलग राज्यों की 5 विधानसभा सीटों का चयन इस अभियान के लिए किया है। ये वे सीटे हैं, जहां पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कम अंतर से चुनाव हार गई थी। इस कार्यक्रम के तहत 25 ऐसी लोकसभा सीटें हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशी की हार का अंतर केवल 33 से 35 हजार के बीच रहा है। वहीं ऐसी 30 ऐसी सीट हैं, जहां कांग्रेस प्रत्याशई 50-55 हजार के बीच मतांतर से हारा।
दिमनी सीट पर फिलहाल भाजपा के कद्दावर नेता नरेंद्र सिंह तोमर का दबदबा है। कांग्रेस भाजपा के इस गढ़ में सेंध लगाकर संदेश देना चाहती है कि भाजपा के सबसे मजबूत किलों में बी बदलाव की हवा चल सकती है।
कांग्रेस की रणनीति उन सीटों पर फोकस करने की है, जहां बीते लोकसभा चुनावों में हार का अंतर बहुत ही कम रहा। दीमनी भी उन्हीं सीटों में से एक है। कांग्रेस मान रही है कि बूथ स्तर पर काम करके इन हारों को जीत के रूप में बदला जा सकता है।
मुरैना-श्योपुर की राजनीति पूरे ग्वालियर-चंबल को प्रभावित करती है। दिमनी में कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत बनाकर पूरे क्षेत्र में बदलाव की लहर का एक माहौल बनाने की कोशिश में है।
माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी इस अभियान को खुद लीड कर रही हैं। ऐसे में इस क्षेत्र की दिल्ली से नजदीकी इसे आसान बना रही है। यहां से प्रियंका गांधी का जाना-आना आसानी से होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि कांग्रेस हाईकमान को जमीनी हालात पर नजर रखने और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करने में आसानी होगी।
यहां मतदान प्रतिशत लगभग 70 फीसदी है। जो बताता है कि दिमनी में जनता जुड़ी हुई है। ऐसे में वोटर बेस तक पहुंच पाना काफी आसान है। 2018 में यहां कांग्रेस जीती थी। लेकिन 2023 के चुनावों में भाजपा ने फिर वापसी की। इस दौरान हार का अंतर 24,461 वोट थे। लेकिन ये अंतर बहुत ज्यादा नहीं कि तैयारी से मैदान में उतरा जाए, तो इसे बदला न जा सके।
हर बूथ मजबूत कांग्रेस का एक नारा मात्र नहीं है, बल्कि एक ऑपरेशन प्लान है। इसके तहत प्रत्येक बूथ पर एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। इसके लिए 20-20 के क्लस्टर तैयार किए हैं। जिन्हें बूथ रक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। ये वोटर लिस्ट की बारीकी से जांच करेंगे, जो मतदाता सूची का बारीकी से अवलोकन करेंगे कि कितने नाम काटे गए, जोड़े गए। हर मतदाता तक पहुंच बनाने के लिए ये बूथ रक्षक बीएलओ के साथ तालमेल बैठाते हुए काम करेंगे। इनका मकसद ये है कि, एक भी सही वोटर वोटर लिस्ट से न छूटे और एक भी गलत या फर्जी वोटर वोटर लिस्ट में शामिल न रहे।
-कांग्रेस का मानना है कि बूथ-दर-बूथ जमीनी काम किए बिना भाजपा की चुनावी मशीनरी को चुनौती नहीं दी जा सकती।
-इसका बड़ा और संभावित फायदा ये होगा कि संगठन का ढ़ांचा मजबूत होगा। जिससे कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास लौटेगा।
-भाजपा पर उसके ही पारंपरिक गढ़ में दबाव बढ़ेगा, जिससे उसे इन सीटों पर जीत के लिए या अपना दबदबा कायम रखने के लिए अतिरिक्त काम करना पड़ेगा।
-दिमनी से उठी बदलाव की लहर ग्वालियर, चंबल की बाकी विधानसभा सीटों पर भी पहुंचेगी। जिसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।
कहना होगा कि दिमनी विधानसभा सीट को प्रियंका गांधी ने यूंही नहीं चुना है, बल्कि उनका ये फैसला चुनावी गणित के साथ ही राजनीतिक सोच का मिला-जुला फैसला है। कांग्रेस का संदेश साफ है कि जब भाजपा के गढ़ दिमनी को हिलाया जा सकता है, तो एमपी के बाकी हिस्से भी हिल सकते हैं। कांग्रेस के इस अभियान का असर देखना वाकई दिलचस्प होगा, क्योंकि यहां कांग्रेस को अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए अकेले विरोधी दल से ही नहीं लड़ना है, बल्कि पिछले रुझानों से भी लड़ना होगा।
Published on:
22 Sept 2025 01:14 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
