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स्टेडियम के दूसरे चरण में 20 करोड़ से बनेगा स्पोटर््स कॉम्पलेक्स

पीडब्ल्यूसी बैठक में मिली स्वीकृति, पांच दिसंबर को खुलेगा टेंडर 11 नवंबर को लगाया है, पांच दिसंबर को खुलेगा टेंडर

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भिवाड़ी. स्टेडियम के दूसरे चरण में निर्माण कार्य जल्द शुरू होंगे। पहले चरण के साथ दूसरे फेज के निर्माण कार्यों की डीपीआर तैयार कराई गई थी, जिसमें अब परिवर्तन किया गया है। दूसरी डीपीआर तैयार हुई है। पहले दूसरे फेज में 12.15 करोड़ के निर्माण प्रस्तावित थे। जो कि अब करीब 20 करोड़ के होंगे। 20 करोड़ इंडोर गेम के लिए स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स बनेगा, जिसमें स्क्वैश, टेबिल टेनिस, जूड़ो, रेसिलंग, कैरम, चेस की प्रतिस्पर्धा हो सकेगी। वीआईपी के बैठने और पे्रस गैलरी होगी। 10 और 25 मीटर की अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज साउंड प्रूफ होगी। एक स्विमिंग पूल खेल प्रतिस्पर्धा के लिए और एक बच्चों के लिए किड्स पोंड बनेगा। बॉक्स क्रिकेट कोर्ट बनेगा। पीडब्ल्यूसी में 20 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है। खिलाडिय़ों को खेल के क्षेत्र में अब बेहतर अवसर मिल सकेंगे। खेल के क्षेत्र में कैरियर बनाने से लेकर सेहत सुधारने के लिए जल्द ही स्टेडियम में अभ्यास का अवसर मिलेगा। पहले चरण में स्टेडियम का निर्माण पूरा हो चुका है। खिलाड़ी शुभारंभ होने का इंतजार कर रहे हैं। स्टेडियम की पवेलियन, बैडमिंटन कोर्ट, सीसी रोड का काम पूरा हो चुका है। आउटडोर खेल के तहत बॉस्केटबॉल, वॉलीबॉल, लोन टेनिस और कबड्डी कोर्ट भी पूरा हो चुका है। औद्योगिक नगरी में बच्चों के खेलकूद के लिए अभी तक कोई सार्वजनिक मंच नहीं था, जिससे खेल प्रतिभाओं को सही ट्रेक नहीं मिलता था। स्टेडियम निर्माण के बाद बच्चों का भविष्य खेल के क्षेत्र में भी बन सकेगा। औद्योगिक क्षेत्र में बच्चों और युवाओं के लिए खेल मैदान का निर्माण शुरू होने में करीब 32 साल का समय लगा। स्टेडियम के लिए दो बार टेंडर लेने कोई फर्म नहीं आई, तीसरी बार लगाए टेंडर में निर्माण का रास्ता निकला था। बीडा ने 20.55 करोड़ का टेंडर लगाया और जुपिटर इंटरनेशनल सेल्स ने 21.42 करोड़ की बोली लगाकर निर्माण कार्य लिया है। यूआईटी ने 1990-91 में स्टेडियम निर्माण के लिए 34 बीघा दो बिस्वा भूमि अधिग्रहित की थी। इतने लंबे समय तक विभिन्न अड़चन की वजह से स्टेडियम का निर्माण अटकता रहा।