
इंस्टाग्राम के जरिए देह व्यापार और हनी ट्रैप का जाल ( Photo - Patrika)
CG News: इंस्टाग्राम पर स्क्रॉल करते हुए नजर आने वाली ग्लैमरस तस्वीरों के पीछे एक संगठित साइबर गिरोह सक्रिय है, जो सैक्स रैकेट, हनी ट्रैप और ऑनलाइन ठगी का जाल फैला रहा है। ( CG News ) पत्रिका की एक महीने लंबी अंडरकवर जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर ‘बुक नाउ’ जैसे ऑफर्स दिखाकर यूजर्स को वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर रीडायरेक्ट किया जा रहा है, जहां कथित मॉडल्स की ‘बुकिंग’ और एडवांस पेमेंट की मांग की जाती है।
जांच के दौरान भिलाई, दुर्ग और रायपुर तक लोकेशन-आधारित ‘सेवाएं’ बताई गईं। परत दर परत खुलासे में सामने आया कि इसमें वास्तविक सेक्स वर्कर्स नहीं, बल्कि फर्जी फोटो, चोरी की गई प्रोफाइल और ठगी के संगठित तरीके शामिल हैं।
साइबर विशेषज्ञों और पुलिस का कहना है कि ये अकाउंट बड़े पैमाने पर फर्जी हैं, जिनके पीछे संगठित गिरोह काम कर रहे हैं। इंटरनेट से किसी भी लड़की की तस्वीर चोरी कर प्रोफाइल बनाई जाती है, और भोले-भाले युवाओं को फंसाया जाता है। वे बताते हैं कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता का फायदा उठाकर अपराधी नए-नए तरीके विकसित कर रहे हैं। ग्लैमरस पोस्ट देखकर युवा तुरंत भरोसा कर लेते हैं और यहीं से ठगी की शुरुआत होती है।
जांच की शुरुआत तब हुई जब इंस्टाग्राम पर अचानक ऐसे कई अकाउंट दिखाई देने लगे, जिनमें आकर्षक तस्वीरों के साथ ‘बुकिंग’ का दावा था। टीम ने एक प्रोफाइल से चैट शुरू की। सामने वाला खुद को ‘इंडिपेंडेंट मॉडल’ बताकर तुरंत 399 रुपए एडवांस भेजने का दबाव बनाने लगा। वीडियो कॉल या पहचान सत्यापन की मांग पर वह लगातार टालता रहा। जैसे ही रिपोर्ट्स ने 99 से 399 रुपए तक भेजे, अकाउंट तुरंत ब्लॉक कर दिया गया और चैट में पॉर्न लिंक भेजने शुरू हो गए।
कई मामलों में देखा गया कि पैसा भेजते ही ठग पीड़ित को ब्लॉक कर देते हैं। इसके बाद वही मोबाइल नंबर और चैट प्रूफ का उपयोग धमकाने या बदनाम करने के लिए किया जाता है। यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
12 ऐसे अकाउंट्स से संपर्क करने पर एक जैसा पैटर्न सामने आया। ग्लैमरस तस्वीरें, तय रेट कार्ड और भुगतान से पहले कोई जानकारी न देने की जिद। एक अकाउंट ने तो धमकी तक दी- ‘स्क्रीनशॉट वायरल कर दूंगा।’ साइबर विशेषज्ञों ने पुष्टि की कि यह नया ऑनलाइन ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जहां ठग पीड़ित की चैट, मोबाइल नंबर और प्रोफाइल फोटो का उपयोग ब्लैकमेलिंग के लिए करते हैं।
हमारी अंडरकवर जांच के आधार पर-
इंस्टाग्राम पर ‘बुकिंग’, ‘स्पेशल चैट’ या आकर्षक तस्वीरों वाले संदिग्ध प्रोफाइल से दूरी रखें।
किसी भी तरह की एडवांस पेमेंट मांग लगभग हमेशा ठगी होती है।
संदिग्ध अकाउंट्स को तुरंत रिपोर्ट करें।
जरूरत पड़ने पर साइबर सेल से संपर्क करें।
सोशल मीडिया की चमक के पीछे अपराधों का यह चेहरा बेहद खतरनाक है। यह सिर्फ ऑनलाइन फ्रॉड नहीं, बल्कि संगठित हनी ट्रैप नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
रिपोर्टर- कहां की लड़कियां हैं, यह धोखा नहीं है, कैसे मानें?
ठग- पूरी तरह ट्रस्टेड है… आप किस लोकेशन से हैं?
रिपोर्टर- भिलाई। यहां अवेलेबल है?
ठग- हां, पूरे छत्तीसगढ़ में जहां बोलें…
रिपोर्टर- इंस्टाग्राम वाली फोटो असली है?
ठग- हां, लेकिन पहले 399 रुपए पेमेंट करें, फिर सभी फोटो मिलेंगी।
इसके बाद ठग ने बातचीत बंद कर दी। सभी 12 अकाउंट में लगभग एक जैसा व्यवहार मिला।
संदिग्ध अकाउंट …तो करें रिपोर्ट
एडिशनल एसपी पद्मश्री तंवर ने पत्रिका से कहा कि इंस्टाग्राम पर ऐसे फर्जी अकाउंट तेजी से बढ़ रहे हैं। युवाओं को फंसाया जा रहा है। इंस्टाग्राम के लिंक से वॉट्सऐप या टेलीग्राम पर जाने पर आपकी निजी जानकारी ठगों तक पहुंच सकती है। संदिग्ध अकाउंट दिखें तो रिपोर्ट करें।
Updated on:
29 Nov 2025 07:01 pm
Published on:
29 Nov 2025 06:57 pm
बड़ी खबरें
View Allभिलाई
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
