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Rajasthan: मानसून की मेहरबानी से भर गईं झीलें, रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे पेटेंड स्टॉर्क, इस उद्यान में 2 अक्टूबर से बच्चों को मिलेगी Free Entry

घना प्रशासन की ओर से 2 अक्टूबर से वाइल्फ लाइफ वीक की शुरुआत होगी। इस वीक में स्कूली बच्चों को घना का नि:शुल्क भ्रमण कराया जाएगा।

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फोटो: पत्रिका

केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान (घना) अब प्राकृतिक पानी की वजह से एक बार फिर उन्मुक्त उड़ान की ओर है। मानसून की अच्छी बारिश और करौली के पांचना बांध से मिले पानी ने इस बार उद्यान की छिछली झीलों को भर दिया है।

नतीजा यह है कि परिंदों के झुंड आसमान में रंगीन छटा बिखेर रहे हैं। घना में इस बार पेंटेड स्टॉर्क की संख्या रेकॉर्ड हुई है। पक्षी उद्यान में सर्दी के सीजन को लेकर खासी तैयारियां हैं।

घना प्रशासन की ओर से 2 अक्टूबर से वाइल्फ लाइफ वीक की शुरुआत होगी। इस वीक में स्कूली बच्चों को घना का नि:शुल्क भ्रमण कराया जाएगा। सप्ताह के तहत पेंटिंग, फोटोग्राफी, साइकिल रैली आदि के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। घना की बुक लेट, चेक लिस्ट आदि भी तैयार कराई गई है।

घना की खूबसूरती देश-दुनिया में पहचान रखती है। स्थानीय बच्चे इसके बारे में जानें, इसके लिए इस बार वाइल्ड लाइफ वीक में बच्चों को घना का नि:शुल्क भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वह जान सकें कि उनके पास कितनी अमूल्य धरोहर है। कई प्रतियोगिताएं भी इस वीक में रखी जाएंगी।

  • मानस सिंह, डीएफओ, केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान भरतपुर

1200 पेंटेड स्टॉर्क बने आकर्षण इस बार घना का सबसे बड़ा आकर्षण ‘पेंटेड स्टॉर्क’ हैं। अगस्त के बाद इनका आगमन शुरू होता है, लेकिन इस बार लगातार हुई बारिश ने इनकी संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर दी है। फिलहाल घना में करीब 1200 पेंटेड स्टॉर्क दर्ज किए गए हैं। दक्षिण भारत से आने वाले ये परिंदे अब तालाबों और दलदली इलाकों में आसानी से दिखाई देने लगे हैं।

28.73 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान।

1981 में संरक्षित पक्षी अभयारण्य घोषित हुआ घना।

1985 में वर्ल्ड हैरिटेज साइट, विश्व धरोहर किया गया घोषित।

250 (लगभग) वर्ष पूर्व हुआ था उद्यान का विकास

34 स्तनधारी जीवों की भी पाई जाती हैं प्रजातियां।

372 करीब प्रजातियां हैं वनस्पति की।

57 प्रजातियों की मिलती हैं मछलियां।

200 से अधिक प्रजातियों के पक्षी करते हैं बसेरा।