
30 वर्षों से सरकारी भूमि पर बसे बैगा समुदाय के लोग परेशान
वारासिवनी नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 01 स्थित बीएसएनएल कार्यालय के पीछे बसी कॉलोनी में निवास कर रहे बैगा समुदाय के परिवारों ने आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से शासकीय जमींन पर रह रहे परिवारों को अब तक पट्टा नहीं मिल पाया है।
वे पिछले 25-30 वर्षो से उसी शासकीय भूमि पर झोपड़ी बनाकर जिंदगी गुजार रहे हैं। कई बार तहसील और नगर पालिका से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक आवेदन देने के बावजूद आज तक किसी भी प्रकार का आवासीय पट्टा स्वीकृत नहीं हुआ है। पट्टा न मिलने से पीएम आवास योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हीं नहीं मिल पाया है।
विशेष जनजाति बैगा परिवारों के उत्थान हेतु शासन द्वारा कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बैगा परिवार अभी भी इससे दूर हैं। सरकारी जमीन पर दशकों से निवास करने के बावजूद उन्हें अब तक मकान का पट्टा नहीं दिया गया। जीवन स्तर सुधार की योजनाएं महज खानापूर्ति साबित हो रही हैं। ग्रामवासियों ने बताया कि मजबूरी में परिवार झोपडिय़ों में ही जीवन बिताने को विवश है। इन्होंने बताया कि शासन ने आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, बिजली, सडक़ और पेयजल जैसी तमाम सुविधाएं तो दे दीं, लेकिन आवासीय पट्टे का प्रावधान आज तक नहीं हुआ। लगभग 40 से 42 परिवारों के 200 से अधिक लोग आज भी उसी भूमि पर कच्चे आशियाने में रहते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछली कई पीढिय़ां आवेदन करती रहीं, पर हर बार केवल आश्वासन ही मिला। बताया कि वे आजीविका के लिए किसी भी स्थायी रोजगार पर निर्भर नहीं हैं, भीख मांगकर जीवन यापन करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार से उन्हें केवल 1500 रुपए की पेंशन मिलती है, बाकी किसी योजना का लाभ अब तक नहीं मिला। बारिश में झोपडिय़ों में पानी भर जाता है, कई बार बच्चों और बुजुर्गों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अब भी मांग पूरी नहीं हुई तो भोपाल में आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
Published on:
29 Nov 2025 12:07 pm
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