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Azamgarh News: दिल्ली के लाल किला विस्फोट कांड का तार जुड़ा आजमगढ़ से, हरकत में आई पुलिस

शादाब बेग उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के कोट किला मोहल्ला का रहने वाला है। परिवार के अनुसार वह लगभग 18 वर्ष पहले घर से निकला था और उसके बाद लगातार फरार रहा। बटला हाउस एनकाउंटर के बाद वह भूमिगत हो गया। उसकी अंतिम लोकेशन 2019 में अफगानिस्तान में ट्रेस की गई थी।

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Azamgarh

Azamgarh news,Pic- Patrika

Crime News: दिल्ली में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर आतंकियों के नेटवर्क से जुड़ने के आरोपों को लेकर चर्चा में आ गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार इसी यूनिवर्सिटी में 2008 दिल्ली और अहमदाबाद ब्लास्ट की साजिश रची गई थी। अब जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इंडियन मुजाहिदीन का कुख्यात आतंकी मिर्जा शादाब बेग भी इसी यूनिवर्सिटी का छात्र रहा है।

18 साल पहले घर छोड़ गया था शादाब


शादाब बेग उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ शहर कोतवाली क्षेत्र के कोट किला मोहल्ला का रहने वाला है। परिवार के अनुसार वह लगभग 18 वर्ष पहले घर से निकला था और उसके बाद लगातार फरार रहा। बटला हाउस एनकाउंटर के बाद वह भूमिगत हो गया। उसकी अंतिम लोकेशन 2019 में अफगानिस्तान में ट्रेस की गई थी। वह इलेक्ट्रॉनिक्स इंस्ट्रूमेंटेशन में बीटेक कर चुका था और बताया जाता है कि 2007 गोरखपुर ब्लास्ट, 2008 जयपुर, दिल्ली और अहमदाबाद धमाकों में आईईडी प्लांटिंग और साजिश रचने में उसकी अहम भूमिका थी।

हॉस्टल से संचालित होता था मॉड्यूल, रिकॉर्ड में बड़ा खुलासा


लाल किले के पास हमले के बाद जांच एजेंसियों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की गहन पड़ताल शुरू की। जांच में सामने आया कि आतंकी मॉड्यूल की कई गतिविधियों का आधार इसी यूनिवर्सिटी का हॉस्टल रहा। हाल ही में एक डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद जब पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए, तो पता चला कि 2008 के सीरियल ब्लास्ट में शामिल मिर्जा शादाब बेग भी इसी यूनिवर्सिटी का बीटेक छात्र था।

परिजन बोले—होनहार बच्चा कैसे भटका, समझ नहीं आया


जब मीडिया टीम शादाब बेग के आजमगढ़ स्थित घर पहुंची, तो परिवार ने कैमरे पर बात करने से इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने बताया कि 2003 में शादाब बीटेक करने अल फलाह यूनिवर्सिटी गया था और पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने एचसीएल में 8 महीने नौकरी भी की। परिजन आज भी यह समझ नहीं पा रहे कि वह किन परिस्थितियों में आतंकी गतिविधियों से जुड़ गया।

परिवार के मुताबिक, बेटे का नाम आतंकी घटनाओं में आने के बाद उसके पिता एहतेशाम बेग, जो दुबई में नौकरी करते थे, मानसिक रूप से टूट गए और आजमगढ़ लौट आए। यूनिवर्सिटी और आतंकी नेटवर्क के पुराने तार सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।