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Former Deputy CM allegation: Video: एसआईआर को लेकर पूर्व डिप्टी CM का आरोप, कहा- कांग्रेस के वोटरों का नाम नहीं जुडऩे देने का चल रहा खेल

Former Deputy CM allegation: भाजपा का नाम लिए बिना छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एसआईआर को लेकर लगाया आरोप, कहा- एक राजनीतिक दल के लोगों को दिए गए हैं निर्देश

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Former Deputy CM allegation

Former Deputy CM (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस शुरु से ही प्रक्रिया का विरोध कर रही है। उनका कहना है कि जान-बूझकर लोगों के नाम काटे (Former Deputy CM allegation) जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने एक बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एसआईआर को कांग्रेस गंभीरता से ले रही है। वोटर लिस्ट दूषित है, इसमें कोई दो मत नहीं है। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल से जुड़े लोगों को निर्देश दे दिए गए हैं कि चिह्नांकित तथा कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम नहीं जुडऩे देना है। यदि उन्हें लगता है कि किसी व्यक्ति का वोट कांग्रेस की ओर जा सकता है तो उनका नाम न जुड़े। यह वोट देने वाले के अधिकार को बाधित करना है।

सिंहदेव (Former Deputy CM allegation) ने कहा कि उन्होंने कहा कि लखनपुर के एक पोलिंग बूथ में 200 से 250 लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं मिल रहे हैं। जिन्होंने मतदान किया, उनका नाम भी नहीं आ रहा है। जिन्होंने वोटिंग नहीं की, उन्होंने भी अपना नाम जुड़वा लिया है। बहुत सारे लोगों का नाम दूसरे राज्यों में है उनके बारे में क्या और कैसे होगा? यह चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट दूषित है, इसमें कोई दो मत है ही नहीं। इसकी चर्चा में समय नहीं लगाना चाहिए। समय उसमें लगाना चाहिए, जहां आपत्ति आ रही है। चुनाव आयोग को लखनपुर वाले मामले (Former Deputy CM allegation) को संज्ञान में लेकर एक टीम भेजना चाहिए और जानकारी लेनी चाहिए कि क्या हो रहा है। जिनका 2003 में नाम ही नहीं मिल रहा है, उनका नाम जुड़ेगा कि नहीं।

Former Deputy CM allegation: नाम न जुड़े, इसकी चल रही कवायद

सिंहदेव ने कहा कि अब ये बातें सुनने में आ रही हैं कांग्रेस से जुड़े चिन्हांकित लोगों का नाम न जुड़े, ऐसा काम करने के निर्देश एक राजनैतिक दल से जुड़े लोगों को दे दिए (Former Deputy CM allegation) गए हैं। ऐसे में दूषित मतदाता सूची की बात सामने आती है। नाम काटना या जुडऩे न देना वोट देने वाले के अधिकार को बाधित करना है।

किसानों से मिलीं एआईसीसी सचिव

कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बात करते हुए सिंहदेव ने कहा कि एआईसीसी की सचिव जरीता लैतफलांग ने बैठक ली। एसआईआर के संदर्भ में उन्होंने लोकसभा प्रभारी, विधानसभा प्रभारी, ब्लॉक अध्यक्ष व मंडल अध्यक्ष सभी से जानकारी ली।

जहां काम में शिथिलता दिखी वहां भी उन्होंने जरूरी निर्देश दिए कि एसआईआर के लिए घर-घर जाने की पहल करें। कोई भी एसआईआर फॉर्म भरने से वंचित (Former Deputy CM allegation) न हो। वे धान कटाई कर रहे किसानों के पास भी गईं और उनसे चर्चा की। धान संग्रहण केंद्र में भी किसानों से चर्चा की।

किसानों का कहना था कि हम धान बिक्री में व्यस्त हैं, इस वजह से फॉर्म भरने में कठिनाई आ रही है। कई लोगों ने फार्म भर लेने की भी जानकारी दी। सिंहदेव ने कहा कि पहले जो फार्म में जो जानकारियां भरनी थी, उसे इस फॉर्म में सीमित कर दिया गया है।

घर-घर नहीं पहुंच रहे बीएलओ

सिंहदेव (Former Deputy CM allegation) ने कहा कि एआईसीसी सचिव को कुछ लोगों ने बताया कि बीएलओ घर-घर नहीं पहुंच रहे हैं, वे जहां बैठ रहे हैं, वहां बुला रहे हैं और फार्म भर रहे हैं। दो फार्म भी नहीं उपलब्ध करा रहे हैं। एसआईआर में जो व्यवहारिक दिक्कते आ रही हैं, उसे हम निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधियों को भी जानकारियां उपलब्ध करा देंगे। 2003 में नाम नहीं होने की भी दिक्कतें आ रही हैं।


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